✎ ट्रेजरी बिल्स अल्पकालिक सरकारी ऋण हैं जिनकी नीलामी आरबीआई द्वारा आयोजित की जाती है और ये बाजार तरलता तथा ब्याज दरों के प्रमुख संकेतक होते हैं।
प्रासंगिकता — Banking, SSC & RBI Grade B exams: Polity
**ट्रेजरी बिल्स: पूर्ण नीलामी परिणाम**
भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) द्वारा 2 सितंबर, 2026 को प्रकाशित ताज़ा नीलामी परिणामों के अनुसार, 91-दिवसीय, 182-दिवसीय और 364-दिवसीय ट्रेजरी बिल्स के लिए अधिसूचित राशि क्रमशः 9,000 करोड़, 8,000 करोड़ और 7,000 करोड़ रुपये थी। प्रतिस्पर्धी बोली में 91-दिवसीय बिलों के लिए 29,550.36 करोड़ रुपये की 127 बोलियाँ प्राप्त हुईं, जबकि 182-दिवसीय और 364-दिवसीय बिलों के लिए क्रमशः 33,133 करोड़ रुपये (105 बोलियाँ) और 14,285.30 करोड़ रुपये (103 बोलियाँ) की बोलियाँ मिलीं। कट-ऑफ मूल्य/उपज में 91-दिवसीय बिलों के लिए 98.7056 रुपये (YTM: 5.2599%), 182-दिवसीय के लिए 97.2558 रुपये (YTM: 5.6588%) तथा 364-दिवसीय के लिए 94.4351 रुपये (YTM: 5.9090%) दर्ज की गईं। गैर-प्रतिस्पर्धी बोलियों में 1,966.295 करोड़ रुपये (5 बोलियाँ), 4,011.612 करोड़ रुपये (5 बोलियाँ) तथा 1,351.818 करोड़ रुपये (4 बोलियाँ) प्राप्त हुईं, जिनमें से अधिकांश स्वीकार कर ली गईं।
यह परिणाम बैंकिंग, एसएससी एवं आरबीआई ग्रेड बी परीक्षाओं के लिए अत्यंत प्रासंगिक है, क्योंकि ट्रेजरी बिल्स सरकारी ऋण का एक प्रमुख साधन हैं, जो राजकोषीय नीति एवं मुद्रास्फीति नियंत्रण में आरबीआई की भूमिका को दर्शाते हैं। बैंक पीओ एवं आईबीपीएस परीक्षाओं में ट्रेजरी बिल्स के प्रकार, नीलामी प्रक्रिया एवं उनकी उपज (YTM) पर आधारित प्रश्न पूछे जाते हैं, जबकि आरबीआई ग्रेड बी में राजकोषीय उपायों एवं सरकारी प्रतिभूतियों के बाज़ार प्रभावों पर भी ध्यान
स्रोत: RBI
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