✎ डीआरआई द्वारा गांजा-चरस तस्करी पर सख्त कार्रवाई से कानून व्यवस्था और सामाजिक सुरक्षा सुनिश्चित होती है तथा एनडीपीएस अधिनियम, 1985 के तहत सजा मिलती है।
प्रासंगिकता — Banking, SSC & RBI Grade B exams: Polity & Governance
राष्ट्रीय स्तर पर चलाए गए अभियानों में राजस्व खुफिया निदेशालय (डीआरआई) ने पिछले पखवाड़े में अवैध गांजा एवं चरस तस्करी पर व्यापक कार्रवाई करते हुए लगभग 740 किलोग्राम मादक पदार्थ जब्त किए और एनडीपीएस अधिनियम, 1985 के तहत 13 लोगों को गिरफ्तार किया। डीआरआई द्वारा देश भर में सड़क, रेल एवं हवाई मार्गों से की गई इस कार्रवाई में 709.6 किलोग्राम गांजा, 24.5 किलोग्राम उच्च गुणवत्ता वाला हाइड्रोपोनिक गांजा तथा 5 किलोग्राम चरस बरामद किया गया। इनमें से कई मामलों में तस्करों ने विशेष रूप से निर्मित गुप्त स्थानों, वाहनों के फर्श में बने गड्ढों एवं यात्रियों के सामान में मादक पदार्थ छिपाए थे, जिससे डीआरआई की सतर्कता एवं तकनीकी क्षमता का परिचय मिलता है। गोरखपुर रेलवे स्टेशन पर अमरनाथ एक्सप्रेस से तीन यात्रियों से बरामद 5 किलोग्राम चरस नेपाल से तस्करी किए जाने के प्रमाण मिले, जबकि हैदराबाद एवं बेंगलुरु हवाई अड्डों पर विदेशी उड़ानों से आए तीन यात्रियों से 24.6 किलोग्राम उच्च क्षमता वाला गांजा पकड़ा गया। इन अभियानों से स्पष्ट होता है कि डीआरआई नशीली दवाओं की तस्करी के खिलाफ लगातार सख्त रुख अपना रहा है, जिससे राष्ट्रीय सुरक्षा एवं सामाजिक व्यवस्था को मजबूती मिल रही है।
इस घटनाक्रम का महत्व बैंकिंग, एसएससी एवं आरबीआई ग्रेड बी जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए अत्यधिक प्रासंगिक है। सर्वप्रथम, यह राष्ट्रीय सुरक्षा एवं कानून प्रवर्तन से जुड़ा मामला है, जो राजनीति एवं शासन विषय के तहत पूछे जाने वाले प्रश्नों के लिए उपयुक्त है। डीआरआई जैसी एजेंसियों की भूमिका, उनके अधिकार क्षेत्र एवं कार्यप्रणाली का ज्ञान परीक्षा में सहायक हो सकता है। द्वितीय, एनडीपीएस अधिनियम, 1985 जैसे कानूनों का उल्लेख परीक्षा में कानूनी प्रावधानों एवं उनके निहितार्थों को समझने
स्रोत: PIB (Press Information Bureau)
शैक्षिक उद्देश्य हेतु AanyaAi द्वारा जनित।


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