✎ इबोला की बंडिबुग्यो प्रजाति के लिए पहला टीका परीक्षण शुरू हुआ, जिसके परिणाम आने में महीनों लगेंगे।
प्रासंगिकता — Banking, SSC & RBI Grade B exams: Science & Technology
नए ईबोला वैक्सीन परीक्षण की शुरुआत डेमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ कांगो (डीआरसी) में फैले प्रकोप के बीच हुई है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के अनुसार, 1 अगस्त तक डीआरसी में ईबोला के 3,748 मामले सामने आए हैं, जिनमें 1,657 मौतें और 708 रिकवरी शामिल हैं। यह अब तक का सबसे बड़ा प्रकोप है। हालांकि ईबोला के लिए पहले से ही वैक्सीन मौजूद हैं, लेकिन बंडीबुग्यो प्रजाति के ईबोला के लिए पहला विशिष्ट वैक्सीन परीक्षण ब्रिटेन में 24 जुलाई को शुरू हुआ है, जबकि कनाडा में भी इसी सप्ताह दूसरा परीक्षण आरंभ हो रहा है। ये परीक्षण फेरेट्स और बंदरों पर किए जा रहे हैं, जिसके परिणाम आने में अभी कई महीने लग सकते हैं। डब्ल्यूएचओ के अनुसंधान प्रमुख वासे मूर्थी ने बताया कि इस बार परीक्षणों को तेजी से शुरू किया गया है, क्योंकि पहले से ही प्रोटोकॉल तैयार थे, जो पिछले प्रकोपों के दौरान लिखे गए थे। हालांकि, बंडीबुग्यो प्रजाति के ईबोला के लिए अभी तक कोई प्रभावी वैक्सीन, रोकथाम या उपचार विकल्प उपलब्ध नहीं है, लेकिन वैज्ञानिक जल्द ही इसके परिणामों की समीक्षा करेंगे।
इस वैश्विक स्वास्थ्य संकट का असर बैंकिंग, एसएससी और आरबीआई ग्रेड बी जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए भी महत्वपूर्ण है। बैंक पीओ, एसबीआई और आईबीपीएस जैसी परीक्षाओं में सामान्य जागरूकता अनुभाग के अंतर्गत अंतरराष्ट्रीय घटनाओं, स्वास्थ्य संकटों और वैक्सीन विकास जैसे विषयों से प्रश्न पूछे जाते हैं। इसी प्रकार, आरबीआई ग्रेड बी के मुख्य परीक्षा में आर्थिक और सामाजिक मुद्दों पर आधारित प्रश्न भी शामिल होते हैं, जिनमें स्वास्थ्य संबंधी वैश्विक प्रयासों का उल्लेख किया जा सकता है। डीआरसी में चल रहे ईबोला प्रकोप और वैक्सीन परीक्षण जैसे विषयों से न केवल वैज्ञानिक दृष्टिकोण से बल्कि राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर स्वास्थ्य प्रणालियों की तैयारी और प्रतिक्रिया के संदर्भ में
स्रोत: news.un.org
शैक्षिक उद्देश्य हेतु AanyaAi द्वारा जनित।

