
✎ तमिलनाडु की नाश्ता योजना कक्षा 6-8 तक बढ़ाई गई, जिससे 15.30 लाख बच्चों को पौष्टिक नाश्ते का लाभ मिलेगा।
प्रासंगिकता — Banking, SSC & RBI Grade B exams: Polity & Governance
तमिलनाडु सरकार ने राज्य के सरकारी व सहायता प्राप्त स्कूलों में कक्षा 6 से 8 तक के छात्रों के लिए ‘पेरुंथलैवर कामराज नाश्ता योजना’ का दायरा बढ़ा दिया है, जिससे अब 15.30 लाख अतिरिक्त बच्चों को पौष्टिक नाश्ते की सुविधा मिलेगी। इस योजना के तहत राज्य भर के 15,454 स्कूलों में सुबह के समय बच्चों को उपमा, खिचड़ी, पोंगल जैसे पोषक तत्वों से भरपूर भोजन उपलब्ध कराया जाएगा, जिसमें सप्ताह में दो दिन मिलेट (मोटे अनाज) से बने विकल्प भी शामिल होंगे। मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय ने स्वयं इस योजना का शुभारंभ करते हुए छात्रों के साथ बैठकर नाश्ता किया और उनके स्वास्थ्य तथा पोषण स्तर में सुधार के लिए इस पहल को महत्वपूर्ण बताया। इस योजना के लिए चालू वित्त वर्ष में 217.63 करोड़ रुपये का अतिरिक्त बजट आवंटित किया गया है, जिससे कुल बजट 724 करोड़ रुपये हो गया है। इसका उद्देश्य बच्चों की स्कूल उपस्थिति, सीखने की क्षमता और समग्र विकास को बढ़ावा देना है।
यह योजना न केवल बच्चों के पोषण स्तर को सुधारने में सहायक होगी, बल्कि राज्य की शिक्षा प्रणाली में सुधार और सामाजिक समानता को भी बल देगी। बैंकिंग, एसएससी और आरबीआई ग्रेड बी जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं के दृष्टिकोण से देखा जाए तो इस तरह की सरकारी योजनाएं देश में सामाजिक कल्याण और जन-कल्याणकारी नीतियों के महत्वपूर्ण पहलुओं पर प्रकाश डालती हैं। इन परीक्षाओं में अक्सर केंद्र व राज्य सरकारों द्वारा चलाई जा रही ऐसी योजनाओं, उनके बजट आवंटन, लक्षित लाभार्थियों और उनके प्रभावों पर प्रश्न पूछे जाते हैं। इसके अलावा, इस योजना के माध्यम से सरकारी स्कूलों में बच्चों की उपस्थिति बढ़ाने और उनके स्वास्थ्य में सुधार लाने के प्रयासों को समझा जा सकता है, जोकि शासन प्रणाली और नीति निर्माण के विषयों के अंतर्गत भी आता है। इस प्रकार, यह योजना न केवल सामाजिक न्याय और समानता के सिद्धांतों को रेखांकित करती है, बल्कि प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए भी एक महत्व
स्रोत: amarujala.com
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