✎ ताइवान चीन के खतरे से निपटने के लिए रक्षा बजट बढ़ा रहा है और अमेरिका का समर्थन भी मिल रहा है।
प्रासंगिकता — Banking, SSC & RBI Grade B exams: Economy/Governance
ताइवान ने चीन के बढ़ते खतरे के मद्देनजर अपने रक्षा बजट को रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचाने की योजना बनाई है। एक अर्ध-सरकारी मीडिया संस्थान की रिपोर्ट के अनुसार, ताइवान 2027 में अपने सैन्य बजट में 1.1 ट्रिलियन न्यू ताइवान डॉलर (लगभग 34.1 अरब अमेरिकी डॉलर) खर्च करेगा, जो उसके सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) का 3% से अधिक होगा। यह राशि 2026 के प्रस्तावित बजट से काफी अधिक है, जो 949.5 अरब न्यू ताइवान डॉलर था। राष्ट्रपति लाई चिंग-ते ने अपने कार्यकाल की शुरुआत से ही रक्षा खर्च बढ़ाने पर जोर दिया है, खासकर अमेरिका के दबाव के बाद, जिसने ताइवान से चीन के खिलाफ अपनी सुरक्षा में और अधिक निवेश करने का आग्रह किया था। चीन ताइवान को अपना अभिन्न अंग मानता है और बल प्रयोग द्वारा इसे अपने नियंत्रण में लेने की धमकी देता रहा है, जबकि ताइवान इस दावे को खारिज करता है। इस बजट वृद्धि का उद्देश्य ताइवान की सैन्य तैयारियों को मजबूत करना और चीनी गतिविधियों का मुकाबला करना है, जिनमें हाल के वर्षों में ताइवान के निकट सैन्य और तटरक्षक गतिविधियां बढ़ी हैं।
इस रक्षा बजट वृद्धि का महत्व बैंकिंग, एसएससी और आरबीआई ग्रेड बी जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए अत्यधिक प्रासंगिक है। बैंकिंग परीक्षाओं में, अंतरराष्ट्रीय संबंधों और रक्षा बजट जैसे विषयों से संबंधित प्रश्न अक्सर पूछे जाते हैं, जो अर्थव्यवस्था और शासन के अंतर्गत आते हैं। एसएससी परीक्षाओं में भी वर्तमान घटनाक्रमों से संबंधित प्रश्न शामिल होते हैं, जिनमें रक्षा बजट और उसके आर्थिक प्रभाव जैसे विषय शामिल हो सकते हैं। आरबीआई ग्रेड बी परीक्षा में भी वैश्विक आर्थिक गतिविधियों और रक्षा व्यय के प्रभाव जैसे विषयों पर ध्यान दिया जाता है, जो मौद्रिक नीति और आर्थिक स्थिरता से जुड़े होते हैं। इस प्रकार, ताइवान के रक्षा बजट वृद्धि से संबंधित घटनाक्रम का अध्ययन न केवल सामान्य ज्ञान को बढ़ाता है, बल्कि परीक्षाओं में
स्रोत: Mint
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