✎ कalyाण लक्ष्मी एवं शादी मुबारक योजनाओं को विधायी मान्यता एवं पारदर्शिता की आवश्यकता है।
प्रासंगिकता — Banking, SSC & RBI Grade B exams: Polity & Governance
**हाल ही में तेलंगाना उच्च न्यायालय की एक डिवीजन बेंच ने कल्याण लक्ष्मी और शादी मुबारक योजनाओं को लागू करने पर रोक लगाने वाले सिंगल जज के आदेश को रद्द कर दिया।** मुख्य न्यायाधीश अपरेश कुमार सिंह और न्यायमूर्ति जी.एम. मोहिउद्दीन की पीठ ने राज्य सरकार के प्रमुख सचिवों द्वारा दायर अपील पर सुनवाई करते हुए यह आदेश दिया। इन योजनाओं को कार्यकारी आदेशों के माध्यम से लागू किया जा रहा था, जिनका राज्य की अर्थव्यवस्था पर महत्वपूर्ण प्रभाव पड़ता है। वकील विजय गोपाल ने इन योजनाओं की संवैधानिक वैधता पर सवाल उठाते हुए कहा था कि इनके पीछे कोई विधायी आधार नहीं है। हालांकि, राज्य सरकार के वकील ए. सुदर्शन रेड्डी ने दलील दी कि ये योजनाएं 2014 से चल रही हैं और इनसे राज्य के बजट पर बोझ पड़ रहा है।
**इस मामले का महत्व बैंकिंग, एसएससी और आरबीआई ग्रेड बी परीक्षाओं के लिए अत्यंत प्रासंगिक है।** कल्याण लक्ष्मी और शादी मुबारक जैसी कल्याणकारी योजनाएं सरकारी बजट और वित्तीय प्रबंधन से जुड़ी होती हैं, जो बैंकिंग और वित्तीय क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण विषय हैं। इसके अलावा, न्यायपालिका और कार्यपालिका के बीच संघर्ष जैसे संवैधानिक मुद्दे भी परीक्षाओं में पूछे जाते हैं। आरबीआई ग्रेड बी में भी सरकारी योजनाओं के आर्थिक प्रभाव और उनकी कानूनी वैधता पर सवाल उठाए जा सकते हैं, जिससे उम्मीदवारों को इन विषयों पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए।
स्रोत: The Hindu
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