✎ CURE बिल 2026 में शहरी शासन सुधार के नाम पर संविधानिक और लोकतांत्रिक मूल्यों का हनन हो सकता है, अतः इसे पुनर्विचार हेतु विधानसभा को वापस भेजना चाहिए।
प्रासंगिकता — Banking, SSC & RBI Grade B exams: Polity
**टेलंगाना के राज्यपाल से सीयूआरई विधेयक को पुनर्विचार हेतु विधानसभा को लौटाने का आग्रह**
टेलंगाना के राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ला से एक सार्वजनिक नीति विशेषज्ञ डोंथि नरसिंह रेड्डी ने राज्य विधानसभा को कोर शहरी क्षेत्र (एकीकृत शासन) विधेयक, 2026 को पुनर्विचार के लिए लौटाने का आग्रह किया है। उन्होंने विधेयक की शासन संरचना, नवगठित निकायों की शक्तियों, वार्ड समितियों की भूमिका तथा संपत्ति कर से संबंधित प्रावधानों पर चिंता व्यक्त की है। विशेषज्ञ ने बताया कि विधेयक में प्रस्तावित सीयूआरई सर्वोच्च शासन परिषद में निर्वाचित प्रतिनिधियों का अभाव है, जिससे संवैधानिक प्रश्न उठते हैं। इसके अतिरिक्त, राज्य सरकार को सीयूआरई अधिकारियों को कोर शहरी क्षेत्र से बाहर भी शक्तियां प्रदान करने का अधिकार देना अनुचित बताया गया है।
विधेयक में वार्ड समितियों के अधिकारों को कम करने तथा संपत्ति कर निर्धारण में पारदर्शिता के अभाव पर भी आपत्ति जताई गई है। विशेषज्ञ ने संपत्ति कर राजस्व के उपयोग हेतु वार्ड अथवा क्षेत्र-विशिष्ट लेखांकन तथा अवसंरचना विकास में इसके आवंटन की मांग की है। उन्होंने विधेयक में किए गए संशोधनों को सार्वजनिक परामर्श के पश्चात प्रकाशित करने तथा विधेयक को पुनर्विचार हेतु लौटाने अथवा संवैधानिक प्रश्नों को विधि विभाग अथवा महाधिवक्ता को भेजने का सुझाव दिया है। यह मुद्दा बैंकिंग, एसएससी तथा आरबीआई ग्रेड बी परीक्षाओं के लिए प्रशासनिक सुधार, शहरी शासन तथा संवैधानिक प्रावधानों के संदर्भ में महत्वपूर्ण है।
स्रोत: The Hindu
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