MP endorsementDirect benefit transferEndorsement letter✎ लक्ष्मी योजना में एमपी/एमएलए अनुमोदन पत्र की आवश्यकता न्यायालय के अनुसार अनुचित और अनावश्यक है।
प्रासंगिकता — Banking, SSC & RBI Grade B exams: Polity & Governance
**हाल ही में दिल्ली उच्च न्यायालय ने लखिमी योजना के नियम पर सवाल उठाते हुए कहा कि महिला लाभार्थियों को एमपी या एमएलए के अनुमोदन पत्र की आवश्यकता क्यों है?** यह योजना दिल्ली सरकार द्वारा 1 अगस्त को शुरू की गई थी, जिसमें पात्र महिलाओं को प्रति माह 2,500 रुपये की सीधी सहायता दी जाती है। हालांकि, इस योजना में कई पात्रता शर्तें हैं, जैसे दिल्ली में लगातार 10 साल तक रहने का प्रमाण, तीन बच्चों की सीमा, परिवार में सबसे बड़ी बेटी होना आदि। इसके अलावा, आवेदन के लिए एमपी या एमएलए के हस्ताक्षर वाला अनुमोदन पत्र भी अनिवार्य किया गया है।
**इस नियम पर जनहित याचिका दायर करते हुए पूर्व कांग्रेस पार्षद अभिषेक दत्त और वेदपाल चौधरी ने कहा कि यह राजनीतिक हित साधने का माध्यम बन रहा है।** न्यायालय ने राज्य सरकार से पूछा कि क्या किसी महिला को अनुमोदन पत्र न मिलने पर आवेदन आगे बढ़ाया जा सकता है? न्यायमूर्ति डी.के. उपाध्याय और तेजस कारीया की पीठ ने कहा कि पात्रता का निर्धारण दस्तावेजों के आधार पर किया जा सकता है, न कि राजनीतिक प्रतिनिधियों के विवेक पर। याचिकाकर्ताओं ने बताया कि अनौपचारिक बस्तियों में रहने वाली महिलाओं को एमएलए के कार्यालय तक पहुंचने में आने वाली कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। यह नियम उन्हें आर्थिक और समय संबंधी बोझ डाल रहा है। अगली सुनवाई 24 अगस्त को होगी। यह मुद्दा बैंकिंग, एसएससी और आरबीआई ग्रेड बी परीक्षाओं के लिए महत्वपूर्ण है क्योंकि इसमें शासन प्रणाली, लोक कल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन और न्यायिक सक्रियता जैसे विषय शामिल हैं।
स्रोत: The Indian Express
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