✎ नमस्ते-सुय योजना सीवर कर्मियों को मशीनी स्वच्छता सेवा व्यवसाय स्थापित कर सशक्त बनाती है।
प्रासंगिकता — Banking, SSC & RBI Grade B exams: Polity & Governance
**सीवर सफाई कर्मी से स्वच्छता उद्यमी तक: नमस्ते-सुय (NAMASTE-SUY) योजना ने कैसे किया कैलाश चंद्र का सशक्तिकरण**
सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय द्वारा संचालित **नमस्ते-सुय (NAMASTE-SUY)** योजना ने राजस्थान के झुंझुनूं जिले के 63 वर्षीय कैलाश चंद्र जैसे सफाई कर्मियों के जीवन में क्रांतिकारी बदलाव लाया है। सामाजिक-आर्थिक रूप से वंचित वाल्मीकि समुदाय से आने वाले कैलाश चंद्र लंबे समय तक अत्यधिक शारीरिक श्रम वाले सीवर सफाई कार्य में लगे रहे, जिसके कारण उनकी आय अनियमित थी और वित्तीय सुरक्षा का अभाव था। सीमित शिक्षा और जातिगत प्रतिबंधों के चलते उन्हें जीवन भर संघर्ष करना पड़ा। किंतु **स्वच्छता उद्यमी योजना (SUY)** के तहत उन्हें ₹5.93 लाख की पूंजीगत सब्सिडी मिली, जिससे उन्होंने सक्शन मशीन से लैस ट्रैक्टर खरीदा। इस मशीन ने न केवल उनके कार्य को सुरक्षित बनाया, बल्कि उन्हें एक उद्यमी के रूप में स्थापित किया। अब वे नगर पंचायत उदयपुरवाटी और आसपास के क्षेत्रों में मैकेनाइज्ड स्वच्छता सेवाएं प्रदान कर रहे हैं, जिससे उनकी मासिक आय ₹8,000-10,000 तक पहुंच गई है। इसके अतिरिक्त, उन्होंने दो अन्य श्रमिकों को रोजगार भी दिया है, जिससे सामुदायिक स्तर पर रोजगार सृजन हुआ है।
यह योजना **मेक इन इंडिया** और **स्वच्छ भारत मिशन** जैसी पहलों के अनुरूप है, जो शहरी स्वच्छता को तकनीकी साधनों से जोड़ती है। **NAMASTE-SUY** का उद्देश्य न केवल सफाई कर्मियों को उद्यमी बनाना है, बल्कि उन्हें समाज की मुख्यधारा में लाकर आत्मनिर्भरता प्रदान करना भी है। बैंकिंग परीक्षाओं के लिए यह विषय **सरकारी योजनाओं, सब्सिडी मॉडल, कौशल विकास और सामाजिक सुरक्षा** जैसे मुद्दों पर प्रासंगिक है। **RBI Grade B** के लिए यह **समावेशी विकास, वित्तीय साक्षरता और ग्रामीण-शहरी
स्रोत: PIB (Press Information Bureau)
शैक्षिक उद्देश्य हेतु AanyaAi द्वारा जनित।


1 comment on “नमस्ते-सुय योजना से कैलाश चंद्र बने स्वच्छता उद्यमी: जानिए कैसे मिला सशक्तिकरण”