✎ निर्वाचन आयोग में आंतरिक मतभेद लोकतंत्र की मजबूती के लिए खतरा, पारदर्शिता और जवाबदेही आवश्यक है।
प्रासंगिकता — Banking, SSC & RBI Grade B exams: Economy/Governance
नवीन पटनायक ने चुनाव आयुक्त द्वारा उठाए गए आंतरिक असंतोष के मामले पर कहा कि मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार को तुरंत इस्तीफा देना चाहिए और विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) प्रक्रिया की फिर से समीक्षा होनी चाहिए। उनकी यह प्रतिक्रिया तब आई जब एक समाचार पत्र की रिपोर्ट में बताया गया कि पिछले 10 महीनों में चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने सीईसी द्वारा लिए गए फैसलों और आदेशों पर कम से कम 14 बार आपत्ति जताई थी। पटनायक ने कहा कि चुनाव आयुक्तों और सीईसी के बीच मतभेदों के कारण सीईसी को तुरंत इस्तीफा देना चाहिए और पूरे एसआईआर प्रक्रिया की पूरी तरह से पुनरीक्षा करनी चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि बीजेडी इस प्रक्रिया का शुरू से विरोध कर रही है और वे इसे बहुत मजबूती से उठाएंगे।
यह मामला बैंकिंग, एसएससी और आरबीआई ग्रेड बी परीक्षाओं के लिए महत्वपूर्ण है क्योंकि इससे शासन व्यवस्था, चुनाव प्रक्रिया और संवैधानिक संस्थाओं की स्वतंत्रता जैसे मुद्दों पर चर्चा होती है। चुनाव आयोग की स्वतंत्रता और निष्पक्षता पर उठे सवाल देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए चिंता का विषय हैं, जो परीक्षाओं में प्रशासनिक सुधार और संवैधानिक संस्थाओं की भूमिका जैसे विषयों से जुड़े सवालों के लिए प्रासंगिक है। इसके अलावा, एसआईआर जैसी चुनावी प्रक्रियाओं में पारदर्शिता और जवाबदेही के मुद्दे भी आर्थिक और प्रशासनिक विषयों के तहत आते हैं, जो बैंकिंग और सरकारी नौकरियों के लिए तैयारी कर रहे उम्मीदवारों के लिए महत्वपूर्ण हैं।
स्रोत: The Hindu
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