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Centre urges Nagari powerloom units to register on new TSRS portal by September 30 — labelled illustration

✎ टेक्सटाइल क्षेत्र के आँकड़ों के लिए TSRS पोर्टल पर पंजीकरण और समय पर आँकड़े प्रस्तुत करना अनिवार्य है।

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केन्द्र सरकार ने ३० सितम्बर तक नागरी के पावरलूम इकाइयों से नये टीएसआरएस पोर्टल पर पंजीकरण कराने और समय पर आँकड़े प्रस्तुत करने का आग्रह किया है, ताकि सरकारी नीतियाँ बनाने और लाभों के आवंटन में सटीक आँकड़ों का उपयोग किया जा सके। वस्त्र आयुक्त वृन्दा मनोहर देशाई ने मंगलवार को चित्तूर जिले के नागरी में आयोजित एक दिवसीय कार्यशाला में यह अपील की, जिसमें केन्द्र एवं राज्य सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ पावरलूम संघों तथा बुनकरों ने भाग लिया। उन्होंने बताया कि नागरी में लगभग ३,४३८ पावरलूम इकाइयाँ लगभग १३,००० करघों तथा ३४ साइजिंग और ५० डाइंग इकाइयों के साथ कार्यरत हैं, जो कपास की चूड़ीदार और शर्टिंग फैब्रिक के लिए प्रसिद्ध हैं। देशाई ने बताया कि वस्त्र क्षेत्र भारत के सकल घरेलू उत्पाद में २.३ प्रतिशत, औद्योगिक उत्पादन में १३ प्रतिशत तथा निर्यात में १२ प्रतिशत योगदान देता है और ४.५ करोड़ से अधिक लोगों को प्रत्यक्ष रोजगार प्रदान करता है।

टीएसआरएस पोर्टल वस्त्र व्यापार, जिनिंग, प्रेसिंग, कताई तथा सम्बद्ध इकाइयों को मासिक एवं वार्षिक आँकड़े ऑनलाइन प्रस्तुत करने में सक्षम बनाएगा। राज्य आयुक्त (हथकरघा एवं वस्त्र) जी. रेखा रानी ने बताया कि आँध्र प्रदेश में १,८६१ बुनकरों को पावरटेक्स इंडिया के तहत सहायता मिली है, जबकि १४,९४२ प्रत्याशियों को प्रशिक्षित कर १२,१५७ को समर्थ योजना के अन्तर्गत रोजगार दिया गया। उन्होंने कहा कि पंजीकरण से एक स्थायी टीयूआईडी मिलेगी, जो मंत्रालय की योजनाओं का लाभ उठाने के लिए अनिवार्य है। समय पर आँकड़े प्रस्तुत करने से नागरी की आवश्यकताओं को भावी नीति निर्माण एवं आवंटन में शामिल किया जा सकेगा। पावरलूम उद्योग के प्रतिनिधियों ने अधिकारियों से प्रसंस्करण सब्सिडी एवं ऋणों के शीघ्र निस्तारण की माँग की तथा नागरी समुदाय की समस्याओं

स्रोत: The Hindu


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