✎ नासा द्वारा इसरो को चंद्र आधार कार्यक्रम में शामिल होने का न्योता भारत-अमेरिका अंतरिक्ष सहयोग का नया अध्याय है।
प्रासंगिकता — Banking, SSC & RBI Grade B exams: Science & Technology
नासा ने इसरो को चंद्रमा बेस कार्यक्रम में शामिल होने का निमंत्रण दिया है, जो अंतरिक्ष क्षेत्र में भारत-अमेरिका के बढ़ते सहयोग का एक महत्वपूर्ण कदम है। अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा ने हाल ही में बेंगलुरु में आयोजित भारत-अमेरिका सिविल स्पेस संयुक्त कार्य समूह (सीएसजेडब्ल्यूजी) की नौवीं बैठक के दौरान औपचारिक रूप से इसरो को अपने चंद्रमा बेस कार्यक्रम में शामिल होने का प्रस्ताव दिया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव के पास मानवता का पहला स्थायी आवास बनाना है, जिसे तीन चरणों में पूरा किया जाएगा। यह पहल अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की राष्ट्रीय अंतरिक्ष नीति और अंतरिक्ष में अमेरिकी नेतृत्व को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इस सहयोग से अंतरिक्ष विज्ञान और प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में भारत-अमेरिका की साझेदारी और गहरी होगी, जिससे भविष्य में अंतरिक्ष अनुसंधान और मानव अंतरिक्ष उड़ान में नए अवसर उत्पन्न होंगे।
इस प्रस्ताव का बैंकिंग, एसएससी और आरबीआई ग्रेड बी जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए विशेष महत्व है। सबसे पहले, अंतरिक्ष और विज्ञान प्रौद्योगिकी से संबंधित करेंट अफेयर्स परीक्षाओं में पूछे जाने वाले प्रश्नों का एक प्रमुख विषय है, खासकर आरबीआई ग्रेड बी के पेपर-2 में। दूसरा, अंतर्राष्ट्रीय सहयोग और द्विपक्षीय समझौते जैसे विषय भी सामान्य जागरूकता अनुभाग में शामिल होते हैं, जो एसएससी और बैंक पीओ जैसी परीक्षाओं में अक्सर पूछे जाते हैं। इसके अलावा, इस तरह के अंतरिक्ष कार्यक्रमों से संबंधित तकनीकी और वैज्ञानिक नवाचार भी अर्थव्यवस्था और तकनीकी विकास पर प्रभाव डालते हैं, जो बैंकिंग परीक्षाओं में भी प्रासंगिक हो सकते हैं।
स्रोत: The Hindu
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