✎ मुख्यमंत्री मावां-धीयां सत्कार योजना के तहत वोटर आईडी अनिवार्यता पर पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने सरकार से जवाब तलब किया है।
प्रासंगिकता — Banking, SSC & RBI Grade B exams: Polity & Governance
**मुख्यमंत्री मावां-धीयां सत्कार योजना** को लेकर पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने राज्य सरकार से जवाब तलब किया है। याचिका में आरोप लगाया गया है कि इस योजना के तहत महिलाओं को आर्थिक सहायता देने के लिए **मतदाता पहचान पत्र (वोटर आईडी) को अनिवार्य** बनाया जाना उनके मूल अधिकार का उल्लंघन है। योजना के अंतर्गत सामान्य वर्ग की महिलाओं को ₹1000 प्रतिमाह और अनुसूचित जाति वर्ग की महिलाओं को ₹1500 प्रतिमाह दिए जाने का प्रावधान है। याचिकाकर्ता का कहना है कि सरकार द्वारा **वित्तीय कठिनाइयों का हवाला देते हुए कर्मचारियों एवं पेंशनभोगियों की वैधानिक देनदारियां पूरी नहीं करने** के बावजूद ऐसी विवेकाधीन योजनाओं पर भारी खर्च करना **सार्वजनिक धन के दुरुपयोग** का संकेत है। हाईकोर्ट ने इस मामले की अगली सुनवाई 5 अक्टूबर को तय की है, जिसमें राज्य सरकार को अपने फैसले का औचित्य स्पष्ट करना होगा।
इस मामले का **बैंकिंग, एसएससी एवं आरबीआई ग्रेड बी परीक्षाओं** के लिए विशेष महत्व है। **वित्तीय जवाबदेही और सुशासन** जैसे विषय परीक्षाओं में बार-बार पूछे जाते हैं, जहां सरकारी योजनाओं के **वित्तीय प्रबंधन, सब्सिडी के प्रभाव एवं जनकल्याणकारी उपायों की प्राथमिकता** पर सवाल उठाए जाते हैं। इसके अलावा, **न्यायपालिका की भूमिका** (विधायिका एवं कार्यपालिका पर नियंत्रण) भी राजनीति एवं संविधान विषयों के अंतर्गत महत्वपूर्ण है। आरबीआई ग्रेड बी में **मौद्रिक नीति एवं सरकारी खर्चों के प्रभाव** जैसे प्रश्न भी इसी संदर्भ में पूछे जा सकते हैं, जबकि एसएससी में **संवैधानिक प्रावधानों एवं योजनाओं की वैधता** से जुड़े सवाल आम होते हैं।
स्रोत: amarujala.com
शैक्षिक उद्देश्य हेतु AanyaAi द्वारा जनित।


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