
✎ PoK में इंटरनेट बंदी मानवाधिकार उल्लंघन है और अंतरराष्ट्रीय कानूनों का उल्लंघन करता है।
प्रासंगिकता — Banking, SSC & RBI Grade B exams: Economy/Governance
पाकिस्तान द्वारा नियंत्रित कश्मीर (पीओके) में जून 5 से लागू अनिश्चितकालीन इंटरनेट बंदी बुनियादी मानव अधिकारों का उल्लंघन है। अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत शांतिपूर्ण सभा के अधिकार (आईसीसीपीआर के अनुच्छेद 21) का हनन होने के साथ ही यह अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और सूचना तक पहुंच को भी प्रभावित करता है। रिपोर्ट में बताया गया है कि पाकिस्तान में इंटरनेट बंदी के आदेश सेना या पुलिस एजेंसियों द्वारा राष्ट्रीय संकट प्रबंधन सेल (एनसीएमसी) को दिए जाते हैं, जो बाद में पाकिस्तान दूरसंचार प्राधिकरण (पीटीए) के माध्यम से इंटरनेट सेवा प्रदाताओं (आईएसपी) तक पहुंचते हैं। यह प्रक्रिया पारदर्शिता और कानूनी आधार के अभाव में मनमाने ढंग से लागू होती है, जिससे नागरिक अधिकारों का हनन होता है।
यह मुद्दा बैंकिंग, एसएससी और आरबीआई ग्रेड बी परीक्षाओं के लिए महत्वपूर्ण है क्योंकि इससे शासन, कानून व्यवस्था और मानवाधिकारों के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता का परीक्षण होता है। बैंकिंग क्षेत्र में जहां डिजिटल लेन-देन और सूचना प्रवाह महत्वपूर्ण है, वहीं सरकारी नीतियों के प्रति पारदर्शिता और जवाबदेही का प्रश्न भी उठता है। आरबीआई ग्रेड बी में शासन और नीति निर्माण के प्रश्नों के साथ ही मानवाधिकार संबंधी मुद्दे भी पूछे जा सकते हैं। इसी प्रकार, एसएससी परीक्षाओं में भी शासन, कानून और समाज के अंतर्संबंधों पर आधारित प्रश्नों के लिए यह विषय प्रासंगिक है।
स्रोत: orissapost.com
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