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प्रासंगिकता — Banking, SSC & RBI Grade B exams: Polity & Governance

प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना (पीएमकेवीवाई) 4.0 का कार्यान्वयन कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्रालय द्वारा वर्ष 2015 में आरंभ की गई प्रमुख योजना का नवीनतम संस्करण है, जिसे वित्तीय वर्ष 2022-23 से लागू किया जा रहा है। इस योजना को मांग-आधारित, तकनीक-सक्षम और अभ्यर्थी-केंद्रित बनाने के लिए पुनः संरचित किया गया है, जिसमें राष्ट्रीय कौशल योग्यता ढांचा (एनएसक्यूएफ) के अनुरूप मानकीकृत प्रशिक्षण, मूल्यांकन और प्रमाणन पर विशेष ध्यान दिया गया है। पीएमकेवीवाई 4.0 के अंतर्गत 600 से अधिक भविष्योन्मुखी जॉब रोल्स जैसे आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, ड्रोन, रोबोटिक्स, ग्रीन एनर्जी और सेमीकंडक्टर निर्माण को शामिल किया गया है, जिससे उद्योग की आवश्यकताओं के अनुरूप कुशल जनशक्ति का विकास हो सके। इसके अतिरिक्त, स्किल इंडिया डिजिटल हब (सिद्ध) के माध्यम से उम्मीदवारों की जीवनचक्र को डिजिटल रूप से प्रबंधित किया जाता है, जिसमें आधार-आधारित प्रमाणीकरण और वास्तविक समय निगरानी जैसी सुविधाएं शामिल हैं।

पीएमकेवीवाई 4.0 का उद्देश्य न केवल कौशलीकरण में सुधार करना है, बल्कि रोजगार के अवसरों को भी बढ़ाना है। योजना के अंतर्गत उद्योगों के सहयोग से ऑन-द-जॉब प्रशिक्षण प्रदान किया जाता है, जिससे उम्मीदवारों को व्यावहारिक अनुभव मिल सके। एक तृतीय-पक्ष मूल्यांकन रिपोर्ट के अनुसार, पीएमकेवीवाई प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले उम्मीदवारों के रोजगार परिणामों में उल्लेखनीय सुधार हुआ है, जहां प्रशिक्षण पूर्व 26.6% की तुलना में प्रशिक्षण पश्चात 45.4% उम्मीदवारों को रोजगार मिला है। आय संबंधी परिणामों में भी सकारात्मक बदलाव देखा गया है, जिसमें 41.4% एसटीटी और 48.9% आरपीएल उम्मीदवारों ने आय में वृद्धि दर्ज की है। यह योजना न केवल कौशल विकास को बढ़

स्रोत: PIB (Press Information Bureau)


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