
✎ पीएम-एसइटीयू योजना कौशल विकास को बढ़ावा देने हेतु सार्वजनिक-निजी सहयोग पर आधारित है।
प्रासंगिकता — Banking, SSC & RBI Grade B exams: Polity & Governance
**PM-SETU योजना की सफलता के लिए सार्वजनिक एवं निजी क्षेत्रों का सक्रिय सहयोग आवश्यक: एम.बी. पाटिल**
कर्नाटक सरकार के कौशल विकास मंत्री एम.बी. पाटिल ने शुक्रवार को कहा कि पीएम-SETU योजना (प्रधानमंत्री स्किलिंग एंड एम्प्लॉयबिलिटी ट्रांसफॉर्मेशन थ्रू अपग्रेडेड आईटीआई) की सफलता के लिए सार्वजनिक एवं निजी क्षेत्रों के बीच सक्रिय सहयोग आवश्यक है। यह केंद्र सरकार की ₹60,000 करोड़ की महत्वाकांक्षी योजना है, जिसके तहत देशभर के 1,000 औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों (आईटीआई) को आधुनिक एवं उद्योग-आधारित कौशल केंद्रों में परिवर्तित किया जाएगा। कर्नाटक में इस योजना के अंतर्गत 48 आईटीआई का उन्नयन किया जाना है, जिसमें 12 हब एवं 48 प्रवक्ता आईटीआई शामिल हैं। पाटिल ने उद्योग जगत से अपील की कि वे इन आईटीआई को गोद लेकर उन्हें बेहतर बनाने में सहयोग करें, जिससे रोजगारपरक कौशल का विकास हो सके। उन्होंने बताया कि कंपनियां ₹500 करोड़ से अधिक वार्षिक टर्नओवर वाली एवं 1,000 से अधिक कर्मचारियों वाली हो सकती हैं, जो इस योजना में भाग ले सकती हैं।
इस योजना के तहत उद्योग जगत को पाठ्यक्रम, प्रशिक्षण कार्यक्रम एवं कौशल विकास ढांचे को अपनी आवश्यकताओं के अनुसार तैयार करने का अवसर मिलेगा। सरकार द्वारा इस योजना के लिए ₹112 करोड़, राज्य सरकार द्वारा ₹98 करोड़ एवं उद्योग जगत द्वारा ₹31 करोड़ का योगदान किया जाएगा। इस सहयोगात्मक मॉडल से न केवल रोजगार के अवसर बढ़ेंगे, बल्कि देश की कौशल अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी। बैंकिंग, एसएससी एवं आरबीआई ग्रेड बी जैसी परीक्षाओं के लिए यह योजना महत्वपूर्ण है, क्योंकि इसमें सार्वजनिक-निजी भागीदारी, कौशल विकास एवं आर्थिक विकास जैसे विषय शामिल हैं, जो समसामयिक मामलों एवं शासन व्यवस्था के दृष्टिकोण से अत्यंत प्रासंगिक हैं।
स्रोत: The Hindu
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