
✎ पीएम गतिशक्ति राष्ट्रीय मास्टर प्लान एकीकृत अवसंरचना विकास का परिवर्तनकारी माध्यम है, जो डेटा आधारित निर्णय लेने एवं निर्बाध कनेक्टिविटी सुनिश्चित करता है।
प्रासंगिकता — Banking, SSC & RBI Grade B exams: Polity & Governance
**पीएम गतिशक्ति राष्ट्रीय मास्टर प्लान** (पीएमजीएस-एनएमपी) केंद्र सरकार की एक अभिनव पहल है, जिसका उद्देश्य विभिन्न अवसंरचना परियोजनाओं—जैसे सड़क, रेल, बंदरगाह, ऊर्जा, दूरसंचार और औद्योगिक गलियारे—को एकीकृत और समन्वित तरीके से क्रियान्वित करना है। इसका “समग्र सरकार” दृष्टिकोण विभिन्न मंत्रालयों, राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को भू-स्थानिक डेटा, सैटेलाइट इमेजरी और एपीआई एकीकरण के माध्यम से निर्णय लेने में सहायता करता है। पीएमजीएस-एनएमपी के तहत अब तक 396 परियोजनाओं (कुल लागत 18.66 लाख करोड़ रुपये) का मूल्यांकन किया जा चुका है, जिनमें से 256 को मंजूरी मिल चुकी है और 198 कार्यान्वयनाधीन हैं। यह पहल न केवल कनेक्टिविटी बढ़ाकर यात्रा समय कम करती है, बल्कि लॉजिस्टिक्स दक्षता, कारोबार सुगमता और औद्योगिक विकास को भी बढ़ावा देती है।
**बैंकिंग, एसएससी और आरबीआई ग्रेड बी परीक्षाओं के लिए प्रासंगिकता**—पीएम गतिशक्ति राष्ट्रीय मास्टर प्लान का मुख्य फोकस अवसंरचना विकास और आर्थिक समृद्धि पर है, जो अर्थव्यवस्था के प्रमुख स्तंभ हैं। बैंकिंग परीक्षाओं में इसके माध्यम से देश की लॉजिस्टिक्स लागत (जीडीपी का 7.9%) और अवसंरचना परियोजनाओं के आर्थिक प्रभाव (जैसे राष्ट्रीय राजमार्ग विकास से जीडीपी वृद्धि) जैसे प्रश्न पूछे जा सकते हैं। एसएससी में इसके तहत भू-स्थानिक डेटा, डिजिटल प्लेटफॉर्म और सरकारी योजनाओं के एकीकृत दृष्टिकोण पर आधारित प्रश्न संभव हैं। आरबीआई ग्रेड बी में इसके माध्यम से सरकारी नीतियों के आर्थिक निहितार्थ, जैसे निर्यात प्रतिस्पर्धात्मकता और औद्योगिक विकास, पर सवाल उठाए जा सकते हैं। इसके अतिरिक्त, पीएमजीएस-एनएमपी के “नेटवर्क प्लानिंग ग्रुप” और “पीएम गतिशक्ति पब्लिक प्लेट
स्रोत: PIB (Press Information Bureau)
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