✎ पीएम-वीबीआरवाई योजना औपचारिक रोजगार को बढ़ाकर युवाओं को सामाजिक सुरक्षा और वित्तीय स्थिरता प्रदान करती है तथा विकसित भारत 2047 के लक्ष्य को प्राप्त करने में सहायक होगी।
प्रासंगिकता — Banking, SSC & RBI Grade B exams: Polity & Governance
प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना (पीएम-वीबीआरवाई) देश के युवाओं को औपचारिक रोजगार से जोड़ने तथा नियोक्ताओं को नए रोजगार सृजित करने के लिए प्रोत्साहित करने वाली एक प्रमुख सरकारी पहल है। यह योजना कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) के माध्यम से संचालित होती है तथा ₹15,000 तक की एकमुश्त प्रोत्साहन राशि पहली बार रोजगार प्राप्त करने वालों को प्रदान करती है, जिसे दो किश्तों में वितरित किया जाता है। साथ ही, नियोक्ताओं को प्रति कर्मचारी ₹3,000 प्रति माह की सहायता दी जाती है, जिससे रोजगार सृजन को बढ़ावा मिलता है। इस योजना का उद्देश्य 3.5 करोड़ लोगों को रोजगार से जोड़ना है, जिसमें 1.92 करोड़ पहली बार रोजगार प्राप्त करने वाले शामिल हैं। यह योजना न केवल युवाओं को संगठित क्षेत्र में लाने में मदद कर रही है, बल्कि महिलाओं की भागीदारी को भी बढ़ावा दे रही है, जिससे सामाजिक सुरक्षा का दायरा व्यापक हो रहा है।
पीएम-वीबीआरवाई का डिजिटल प्लेटफॉर्म आधार-आधारित प्रमाणीकरण, यूएएन तथा ईपीएफओ से जुड़े ऑनलाइन सिस्टम के माध्यम से पूरी तरह से पारदर्शी तरीके से संचालित होता है। इससे रोजगार सृजन, वित्तीय समावेशन तथा सामाजिक सुरक्षा को एकीकृत रूप से बढ़ावा मिल रहा है, जो भारत के दीर्घकालिक आर्थिक विकास के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। यह योजना न केवल बैंकिंग एवं वित्तीय क्षेत्र के लिए रोजगार सृजन और आर्थिक विकास के नए अवसर पैदा कर रही है, बल्कि आरबीआई ग्रेड बी तथा एसएससी परीक्षाओं के लिए भी एक महत्वपूर्ण विषय है, जहां सरकारी योजनाओं के कार्यान्वयन और उनके सामाजिक-आर्थिक प्रभावों पर प्रश्न पूछे जा सकते हैं।
स्रोत: PIB (Press Information Bureau)
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