✎ पोषण ट्रैकर डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से पोषण सेवाओं की निगरानी एवं सुधार के लिए सरकारी पहल।
प्रासंगिकता — Banking, SSC & RBI Grade B exams: Polity & Governance
मिशन सक्षम आंगनवाड़ी और पोषण 2.0 के अंतर्गत महिला एवं बाल विकास मंत्रालय द्वारा लॉन्च किया गया ‘पोषण ट्रैकर’ डिजिटल एप्लिकेशन सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी आधारित शासन उपकरण है, जिसका उद्देश्य आंगनवाड़ी केंद्रों में पंजीकृत लाभार्थियों—जैसे 6 महीने से 6 वर्ष तक के बच्चे, गर्भवती महिलाएं, स्तनपान कराने वाली माताएं एवं किशोरियों—की सेवाओं की निगरानी और ट्रैकिंग करना है। यह एप्लिकेशन सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में लागू हो चुका है, जहाँ इसके डैशबोर्ड पर आंगनवाड़ी केंद्रों की संख्या, बच्चों एवं माताओं की संख्या जैसी वास्तविक समय की जानकारी उपलब्ध है। राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम, 2013 की अनुसूची-II के तहत निर्धारित पोषण मानकों के अनुसार, इस योजना के माध्यम से गर्म पका हुआ भोजन और घर ले जाने वाला राशन (टीएचआर) प्रदान किया जाता है, जबकि गंभीर कुपोषित बच्चों को अतिरिक्त पोषण दिया जाता है। इसके अतिरिक्त, मिशन पोषण 2.0 के तहत आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को स्मार्टफोन और डेटा रिचार्ज जैसी सुविधाएं प्रदान की गई हैं, जिससे वे लाभार्थियों तक बेहतर सेवाएं पहुंचा सकें। यह पहल न केवल पोषण संबंधी परिणामों में सुधार लाने में सहायक है, बल्कि सरकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन और पारदर्शिता को भी बढ़ावा देती है, जो विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए महत्वपूर्ण विषय है।
मिशन पोषण 2.0 के अंतर्गत पोषण ट्रैकर जैसे डिजिटल उपकरणों का उपयोग न केवल पोषण संबंधी चुनौतियों की पहचान और समाधान में मदद करता है, बल्कि सरकारी योजनाओं के प्रशासनिक ढांचे को भी सुदृढ़ करता है। इस मिशन के तहत आंगनवाड़ी केंद्रों में स्थापित पोषण वाटिकाएं (स्थानीय फल-सब्जियों के उद्यान) आहार विविधता को बढ़ावा देकर सूक्ष्म पोषक तत्वों की कमी को दूर करने में सहायक हैं। इसके अलावा, जिला एवं राज्य स्तरीय पोषण समितियों की नियम
स्रोत: PIB (Press Information Bureau)
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