

मानचित्र व माइंड-मैप: PMKSY: Key States and Features
प्रासंगिकता — Banking, SSC & RBI Grade B exams: Polity & Governance
प्रधानमंत्री किसान संपदा योजना (पीएमकेएसवाई) खाद्य प्रसंस्करण अवसंरचना को सुदृढ़ बनाकर कृषि क्षेत्र में क्रांतिकारी बदलाव ला रही है। यह योजना फसल कटाई के बाद होने वाले नुकसान को न्यूनतम करने, मूल्य संवर्धन को बढ़ावा देने और किसानों की आय में वृद्धि करने के उद्देश्य से शुरू की गई थी। वर्ष 2017-18 से लागू इस योजना के तहत एकीकृत कोल्ड चेन, प्रसंस्करण इकाइयों और बाजार संपर्कों का विकास किया जा रहा है, जिससे कृषि उत्पादों की गुणवत्ता और बाजार में पहुँच दोनों में सुधार हुआ है। 30 जून 2026 तक, इस योजना के अंतर्गत 1,256 परियोजनाएँ सक्रिय हैं, जिनसे 37.76 लाख किसानों को प्रत्यक्ष लाभ मिल रहा है। इसके अतिरिक्त, 294.21 लाख मीट्रिक टन प्रसंस्करण क्षमता का सृजन हुआ है, जिससे निर्यात प्रतिस्पर्धिता भी बढ़ी है।
बैंकिंग, एसएससी और आरबीआई ग्रेड बी जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं के दृष्टिकोण से पीएमकेएसवाई अत्यंत महत्वपूर्ण है। यह योजना सरकार की ‘आत्मनिर्भर भारत’ और ‘कृषि अवसंरचना कोष’ जैसी पहलों का अभिन्न अंग है, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को गति मिल रही है। बैंकिंग क्षेत्र के लिए यह योजना ऋण वितरण, ग्रामीण उद्यमिता और कृषि-आधारित उद्योगों के विकास से संबंधित प्रश्नों के लिए प्रासंगिक है। वहीं, एसएससी और आरबीआई ग्रेड बी के पाठ्यक्रम में सरकारी योजनाओं, कृषि नीति और आर्थिक विकास से जुड़े मुद्दे शामिल होते हैं, जहाँ पीएमकेएसवाई के उद्देश्यों, उपलब्धियों और वित्तीय आवंटन जैसे तथ्यों पर आधारित प्रश्न पूछे जा सकते हैं। इस योजना के माध्यम से कृषि क्षेत्र में निजी निवेश को बढ़ावा मिलने से बैंकिंग प्रणाली में ऋण प्रवाह भी प्रभावित होता है, जिससे वित्तीय स्थिरता और समावेशिता के पहलुओं को समझने में मदद मिलती है।
स्रोत: PIB (Press Information Bureau)
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