✎ पीएम धन-धान्य योजना से 100 जिलों में कृषि विकास को गति देने के लिए परिणाम-आधारित निगरानी एवं समन्वय पर बल दिया जा रहा है।
प्रासंगिकता — Banking, SSC & RBI Grade B exams: Polity & Governance
श्री शिवराज सिंह चौहान ने हाल ही में नई दिल्ली स्थित कृषि भवन में प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना (पीएम-डीडीकेवाई) की प्रगति की समीक्षा की, जिसका उद्देश्य कृषि उत्पादकता, फसल विविधीकरण और सिंचाई अवसंरचना जैसी चुनौतियों से जूझ रहे 100 चिन्हित जिलों में विकास को गति देना है। इस योजना के तहत अप्रैल 2026 में 100 जिलों का औसत स्कोर 22.54 था, जो जुलाई 2026 तक बढ़कर 38.85 हो गया, जिससे छह प्रमुख उद्देश्यों—कृषि उत्पादकता, फसल विविधीकरण, भंडारण क्षमता, सिंचाई, कृषि ऋण तक पहुंच और शासन सुधार—में उल्लेखनीय प्रगति दर्ज की गई। यह योजना 11 मंत्रालयों और 36 केंद्रीय योजनाओं के समन्वय से लागू की जा रही है, जिसमें परिणाम-आधारित निगरानी और लाभार्थी-केंद्रित दृष्टिकोण पर विशेष जोर दिया गया है। पीएम-डीडीकेवाई का डैशबोर्ड, जिसमें जिलावार प्रदर्शन, वित्तीय प्रगति और लाभार्थी स्तर के परिणाम शामिल हैं, इस योजना की पारदर्शिता और प्रभावशीलता को बढ़ाता है।
यह योजना बैंकिंग, एसएससी और आरबीआई ग्रेड बी जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए अत्यधिक प्रासंगिक है, क्योंकि इसमें सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन, नीति निर्माण और वित्तीय निगरानी जैसे विषय शामिल हैं, जो अक्सर परीक्षाओं में पूछे जाते हैं। पीएम-डीडीकेवाई के तहत 36 योजनाओं के समन्वय और 121 संकेतकों के माध्यम से परिणाम मापन जैसी अवधारणाएं प्रशासनिक दक्षता और योजना प्रबंधन के दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण हैं। इसके अतिरिक्त, योजना के डैशबोर्ड, क्षमता निर्माण और सार्वजनिक-निजी भागीदारी जैसे पहलू भी शासन और विकास संबंधी प्रश्नों के लिए प्रासंगिक हैं। इस प्रकार, यह नोट न केवल वर्तमान घटनाक्रम को समझने में मदद करता है, बल्कि
स्रोत: PIB (Press Information Bureau)
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