मानचित्र व माइंड-मैप: FAME-II EV charging stations allocation
प्रासंगिकता — Banking, SSC & RBI Grade B exams: Polity & Governance
भारत सरकार के भारी उद्योग मंत्रालय द्वारा फेम-II (फास्टर एडॉप्शन एंड मैन्युफैक्चरिंग ऑफ इलेक्ट्रिक व्हीकल्स) योजना के अंतर्गत देश में ईवी (इलेक्ट्रिक वाहन) सार्वजनिक चार्जिंग स्टेशनों की स्थापना के लिए 912.50 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। इस राशि का उपयोग राष्ट्रीय स्तर पर चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित करने में किया जाएगा, जबकि राज्यों के लिए अलग से कोई आवंटन नहीं किया गया है। इससे स्पष्ट है कि केंद्र सरकार ईवी अपनाने को बढ़ावा देने के लिए समग्र दृष्टिकोण अपना रही है, जिससे बैंकिंग, एसएससी और आरबीआई ग्रेड बी जैसी परीक्षाओं के लिए यह विषय महत्वपूर्ण हो जाता है, क्योंकि इससे सरकार की नीतिगत प्राथमिकताओं, बजट आवंटन और सार्वजनिक अवसंरचना विकास के पहलुओं पर प्रश्न पूछे जा सकते हैं।
फेम-II योजना के अंतर्गत पश्चिम बंगाल में 482 चार्जिंग स्टेशन स्वीकृत किए गए हैं, जिनमें से 463 स्टेशन 1 जुलाई 2026 तक चालू हो चुके हैं। इसके अतिरिक्त, पीएम ई-ड्राइव योजना के तहत 2,000 करोड़ रुपये का आवंटन किया गया है, जो ईवी चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर को और मजबूत करेगा। ईवी चार्जिंग स्टेशन स्थापित करना एक अनुज्ञप्ति-रहित गतिविधि है, जिससे निजी क्षेत्र भी इसमें भाग ले सकता है। यह विषय बैंकिंग परीक्षाओं के लिए इसलिए प्रासंगिक है क्योंकि इससे सरकारी योजनाओं, बजट आवंटन, सार्वजनिक-निजी भागीदारी और आर्थिक विकास के पहलुओं पर प्रश्न पूछे जा सकते हैं, जबकि एसएससी और आरबीआई ग्रेड बी परीक्षाओं में भी नीतिगत पहलुओं और उनके प्रभावों पर आधारित प्रश्नों की संभावना रहती है।
स्रोत: PIB (Press Information Bureau)
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