✎ बिलासपुर-मनाली-लेह रेललाइन 475 किमी लंबी होगी जिसमें 60 सुरंगें होंगी तथा इसका सर्वे 40 दिन में पूरा किया जाएगा।
प्रासंगिकता — Banking, SSC & RBI Grade B exams: Economy/Governance
**हिमाचल में बिलासपुर-मनाली-लेह रेललाइन के निर्माण की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया गया है।** रेलवे द्वारा नियुक्त निजी कंपनी ने सलापड़ से सरचू तक 40 किलोमीटर लंबे मार्ग का अंतिम लोकेशन सर्वे शुरू कर दिया है, जिसे 40 दिनों में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। यह परियोजना 475 किलोमीटर लंबी होगी और इसमें 60 सुरंगें बनाई जाएंगी, जो पहाड़ी क्षेत्रों में रेल संचालन को सुगम बनाएंगी। हिमालयी भूगोल की चुनौतियों को देखते हुए सुरंगों के माध्यम से ही यह रेललाइन गुजरेगी, जिससे भूस्खलन और बर्फबारी प्रभावित क्षेत्रों में भी निरंतर आवागमन संभव होगा। स्थानीय लोगों में भी इस परियोजना को लेकर उत्सुकता है, क्योंकि इसके पूरा होने से सीमावर्ती क्षेत्रों में रणनीतिक और आर्थिक लाभ मिलने की संभावना है।
**इस परियोजना का महत्व बैंकिंग, एसएससी और आरबीआई ग्रेड बी परीक्षाओं के दृष्टिकोण से भी काफी है।** रेलवे बुनियादी ढांचे में निवेश से अर्थव्यवस्था को गति मिलती है, जो बैंकिंग क्षेत्र के लिए ऋण वितरण और आर्थिक वृद्धि के अवसर पैदा करता है। इसके अलावा, सीमावर्ती क्षेत्रों में रेल संपर्क स्थापित होने से रक्षा और पर्यटन क्षेत्रों में विकास होगा, जो सरकारी योजनाओं और बजट आवंटन के लिए प्रासंगिक है। एसएससी परीक्षाओं में भी राष्ट्रीय परियोजनाओं, भूगोल और अर्थव्यवस्था से संबंधित प्रश्न पूछे जाते हैं, जबकि आरबीआई ग्रेड बी में बुनियादी ढांचे के विकास और उसके आर्थिक प्रभावों पर ध्यान दिया जाता है।
स्रोत: amarujala.com
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