✎ बिहार की विविध सांस्कृतिक धरोहर को स्मृति चिन्हों के माध्यम से संरक्षित एवं प्रदर्शित किया जा रहा है।
प्रासंगिकता — Banking, SSC & RBI Grade B exams: Art & Culture
**हिंदी में नोट (प्राकृतिक परीक्षा-शैली):**
‘पीएम स्मृति चिन्ह ई-नीलामी 2026’ में शामिल 65 स्मृति चिन्हों के ‘बिहार संग्रह’ में राज्य की सांस्कृतिक विरासत, लोक परंपराओं और आध्यात्मिक धरोहर की जीवंत झलक प्रस्तुत की गई है। यह संग्रह मधुबनी चित्रकला, मंजूषा कला, सिक्की शिल्प, ऐतिहासिक व्यक्तित्वों और स्मारकों को एकीकृत करता है। मिथिला पाग, रामायण से प्रेरित कलाकृतियाँ, अशोक स्तंभ, तख्त श्री हरमंदिर साहिब, बुद्ध एवं महावीर की प्रतिमाएँ, तथा स्वतंत्रता सेनानी मंगल पांडे जैसे विषयों को शामिल कर बिहार की बहुआयामी पहचान को रेखांकित किया गया है। यह न केवल राज्य की कलात्मक समृद्धि को प्रदर्शित करता है, बल्कि इसके माध्यम से भारतीय संस्कृति की विविधता और एकता को भी उजागर करता है।
बैंकिंग, एसएससी और आरबीआई ग्रेड बी परीक्षाओं के लिए यह विषय महत्वपूर्ण है क्योंकि इसमें सांस्कृतिक विरासत, लोक कलाएँ, ऐतिहासिक व्यक्तित्व और राष्ट्रीय प्रतीकों जैसे विषय शामिल हैं, जो सामान्य जागरूकता अनुभाग में पूछे जाते हैं। उदाहरण के लिए, मधुबनी चित्रकला, सिक्की शिल्प, अशोक स्तंभ, बिहार के मंदिर, स्वतंत्रता संग्राम सेनानी, और राज्य के प्रमुख व्यक्तित्व जैसे कर्पूरी ठाकुर, चाणक्य और वाल्मीकि पर आधारित प्रश्न पूछे जा सकते हैं। इसके अतिरिक्त, ‘पीएम स्मृति चिन्ह’ जैसी सरकारी पहलों का ज्ञान भी समसामयिक घटनाओं के दृष्टिकोण से उपयोगी है।
स्रोत: PIB (Press Information Bureau)
शैक्षिक उद्देश्य हेतु AanyaAi द्वारा जनित।


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