✎ नीली अर्थव्यवस्था में महिलाओं की भूमिका को बढ़ावा देने के लिए राष्ट्रीय स्तर पर उठाए गए कदम।
प्रासंगिकता — Banking, SSC & RBI Grade B exams: Society
भारत की नीली अर्थव्यवस्था में महिलाओं पर केरल के कोच्चि में दो दिवसीय राष्ट्रीय मछुआरा महिला सम्मेलन का आयोजन किया गया, जिसका विषय था “भारत की नीली अर्थव्यवस्था में महिलाओं को सशक्त बनाना: पहचान, समावेशन और साझेदारी।” भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (आईसीएआर) की पूर्व उप महानिदेशक (मत्स्य विज्ञान) बी. मीनाकुमारी ने इस कार्यक्रम का उद्घाटन किया। इसमें केरल, लक्षद्वीप, तमिलनाडु, पुडुचेरी, अरुणाचल प्रदेश, सिक्किम, महाराष्ट्र, गुजरात और आंध्र प्रदेश सहित विभिन्न राज्यों की लगभग 60 महिलाओं ने भाग लिया। यह सम्मेलन महिलाओं की भूमिका को रेखांकित करता है, जो नीली अर्थव्यवस्था के विभिन्न क्षेत्रों जैसे मत्स्य पालन, जल परिवहन और तटीय पर्यटन में सक्रिय हैं, लेकिन उन्हें पर्याप्त मान्यता और संसाधनों का अभाव है।
इस आयोजन का महत्व बैंकिंग, एसएससी और आरबीआई ग्रेड बी परीक्षाओं के दृष्टिकोण से भी है, क्योंकि नीली अर्थव्यवस्था भारत के सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) में महत्वपूर्ण योगदान देती है और रोजगार सृजन का एक प्रमुख स्रोत है। सरकार द्वारा चलाई जा रही योजनाएं जैसे ‘प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना’ और ‘नीली अर्थव्यवस्था नीति’ महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण पर ध्यान केंद्रित कर रही हैं, जो बैंकिंग क्षेत्र के लिए ऋण, बीमा और वित्तीय समावेशन से संबंधित प्रश्नों के रूप में परीक्षा में पूछे जा सकते हैं। साथ ही, नीली अर्थव्यवस्था से जुड़े पर्यावरणीय मुद्दे और टिकाऊ विकास के लक्ष्य (एसडीजी) भी सामान्य जागरूकता अनुभाग में शामिल हो सकते हैं, जो एसएससी और आरबीआई ग्रेड बी जैसी परीक्षाओं में अहम भूमिका निभाते हैं।
स्रोत: The Hindu
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