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मध्य प्रदेश में 'श्रम संवाद' कार्यक्रम: श्रम संहिताओं और सामाजिक सुरक्षा पर जागरूकता
श्रम संवाद कार्यक्रम प्रक्रियाकार्यक्रम आयोजन28 अक्टूबर 2026जागरूकता बढ़ानाचार श्रम संहिताओं परसंस्थागत क्षमता मजबूतश्रम सुधारों के लिएहितधारकों की भागीदारीकेंद्र-राज्य समन्वय
श्रम संवाद कार्यक्रम प्रक्रिया

✎ मध्य प्रदेश के भोपाल में 'श्रम संवाद' कार्यक्रम द्वारा चार श्रम संहिताओं, श्रम कल्याण और सामाजिक सुरक्षा पर जागरूकता बढ़ाई गई।

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भोपाल, मध्य प्रदेश में 28 अक्टूबर 2026 को श्रम एवं रोजगार मंत्रालय तथा राज्य सरकार के संयुक्त प्रयास से ‘श्रम संवाद’ नामक एक महत्वपूर्ण जिला-स्तरीय क्षमता-निर्माण और जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसका मुख्य उद्देश्य चार श्रम संहिताओं—औद्योगिक संबंध संहिता, सामाजिक सुरक्षा संहिता, व्यावसायिक सुरक्षा, स्वास्थ्य एवं कार्य दशाएं संहिता तथा मजदूरी संहिता—के प्रावधानों, उनके अंतर्गत बने नियमों तथा नियोक्ताओं के लिए अनुपालन संबंधी आवश्यकताओं के बारे में नियोक्ताओं, एचआर, कानूनी और वित्त पेशेवरों को जागरूक करना था। इसके अतिरिक्त, इस कार्यक्रम का लक्ष्य श्रम सुधारों के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए संस्थागत क्षमता को सुदृढ़ करना, श्रम कल्याण एवं सामाजिक सुरक्षा पहलों जैसे पीएम-एसवाईएम और पीएमवीबीआरवाई योजनाओं के बारे में जानकारी प्रसारित करना तथा केंद्र-राज्य समन्वय एवं हितधारकों की सक्रिय भागीदारी को प्रोत्साहित करना था। कार्यक्रम में श्रम सचिव श्री रघुराज राजेंद्रन तथा श्रम मंत्रालय के उप सचिव श्री गोविंद राम सहित वरिष्ठ अधिकारियों, उद्योग प्रतिनिधियों और पेशेवरों ने भाग लिया, जिनके तकनीकी सत्रों में प्रतिभागियों को व्यावहारिक मार्गदर्शन प्रदान किया गया।

यह पहल बैंकिंग, एसएससी एवं आरबीआई ग्रेड बी जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं के दृष्टिकोण से अत्यंत प्रासंगिक है, क्योंकि इसमें श्रम कानूनों, सामाजिक सुरक्षा योजनाओं तथा केंद्र-राज्य समन्वय जैसे विषयों पर गहन चर्चा की गई है। बैंक पीओ एवं एसबीआई परीक्षाओं में अक्सर श्रम कानूनों, ईपीएफओ, ईएसआईसी तथा सरकारी योजनाओं से संबंधित प्रश्न पूछे जाते हैं, जबकि आरबीआई ग्रेड बी में आर्थिक एवं सामाजिक विकास जैसे खंड में श्रम सुधारों का प्रभाव भी शामिल होता है। इसके अलावा, सामाजिक सुरक्षा योजनाओं जैसे पीएम-एसवाईएम एवं पीएमवीबीआरवाई का ज्ञान एसएससी सीजीएल जैसी परीक्षाओं में भी उपयोगी सिद्ध होता है। इस प्रकार, ‘श्रम संवाद’ जैसी पहलों के माध्यम से सरकार द्वारा किए जा रहे प्रयासों की जानकारी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में सहायक सिद्ध हो सकती है।

स्रोत: PIB (Press Information Bureau)


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