
✎ मिहिर भोज की जाति पहचान पर मध्य प्रदेश हाईकोर्ट में चल रहा विवाद और उसकी कानूनी प्रक्रिया
प्रासंगिकता — Banking, SSC & RBI Grade B exams: Economy/Governance
मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय की ग्वालियर खंडपीठ में सम्राट मिहिर भोज की जातीय पहचान को लेकर चल रहे विवाद में न्यायालय द्वारा गठित जांच समिति ने अपनी सीलबंद रिपोर्ट प्रस्तुत कर दी है। मामला वर्ष 2021 में ग्वालियर में मिहिर भोज की प्रतिमा के नामपट्ट पर ‘गुर्जर’ शब्द लिखे जाने के बाद शुरू हुआ था, जिससे दोनों समाजों के बीच तीखा विवाद उत्पन्न हो गया। उच्च न्यायालय ने इस मामले में गहन जांच के लिए एक समिति गठित की थी, जिसमें संभाग आयुक्त, पुलिस महानिरीक्षक तथा गुर्जर और क्षत्रिय समाज के प्रतिनिधि शामिल थे। समिति ने ऐतिहासिक अभिलेखों, साहित्य और पुरातात्विक साक्ष्यों के आधार पर दोनों पक्षों के दावों का अध्ययन किया तथा सार्वजनिक धन से स्थापित राष्ट्रीय नायक की प्रतिमा पर जाति विशेष का उल्लेख करने के सांविधानिक पहलू पर भी विचार किया। अब अगली सुनवाई में न्यायालय सीलबंद रिपोर्ट को खोलकर उसके निष्कर्षों पर विचार करेगा तथा ऐतिहासिक और कानूनी आधार पर आगे की कार्रवाई तय करेगा।
इस मामले का महत्व बैंकिंग, एसएससी तथा आरबीआई ग्रेड बी जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं के दृष्टिकोण से भी है, क्योंकि इसमें शासन, न्यायपालिका और समाज के बीच संवैधानिक मूल्यों, ऐतिहासिक साक्ष्यों तथा सार्वजनिक नीति के पहलुओं पर गहन विचार-विमर्श शामिल है। प्रतियोगी परीक्षाओं में राष्ट्रीय महत्व के ऐसे विवादों से संबंधित प्रश्न सामान्य जागरूकता, भारतीय संविधान के अनुच्छेद 14, 15 तथा 25 के तहत समानता और धार्मिक स्वतंत्रता, तथा लोक प्रशासन में पारदर्शिता और जवाबदेही जैसे विषयों पर पूछे जा सकते हैं। इसके अतिरिक्त, ऐसे मामलों में न्यायपालिका की भूमिका, जनहित याचिका तथा प्रशासनिक न्यायिक प्रक्रिया भी परीक्षा के लिए प्रासंगिक विषय हैं।
स्रोत: amarujala.com
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