प्रासंगिकता — Banking, SSC & RBI Grade B exams: Polity & Governance
माईगॉव प्लेटफॉर्म ने नीति-निर्माण में नागरिकों की भागीदारी को बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है, जिससे बजट, राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी-2020), डेटा संरक्षण विधेयक-2022 तथा आधार सुधारों जैसे मुद्दों पर जनता की राय को सीधे नीति-निर्माण प्रक्रिया में शामिल किया गया है। केंद्र सरकार द्वारा शुरू किए गए इस प्लेटफॉर्म के माध्यम से 6.32 करोड़ से अधिक नागरिकों ने पंजीकरण कराया है, जिसमें पिछले पांच वर्षों में 4.48 करोड़ नए उपयोगकर्ता शामिल हुए हैं। प्लेटफॉर्म पर आयोजित चर्चाओं, पोल और सर्वेक्षणों में लाखों नागरिकों ने सक्रिय भागीदारी की है, जिससे सरकार को जनहित और लोककल्याण से जुड़े मुद्दों पर व्यापक दृष्टिकोण प्राप्त हुआ है। उदाहरण के लिए, राष्ट्रीय शिक्षा नीति, डेटा संरक्षण नियमावली तथा आधार प्रमाणीकरण नियमों में सुधार जैसे विषयों पर जनता के सुझावों को नीति-निर्माण में शामिल किया गया है, जिससे शासन प्रक्रिया में पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ी है। यह पहल सरकार और नागरिकों के बीच संवाद को मजबूत करने के साथ-साथ नीति-निर्माण में जन-भागीदारी को संस्थागत स्वरूप प्रदान करती है।
इस प्लेटफॉर्म की सफलता का आकलन स्वतंत्र अध्ययनों द्वारा भी किया गया है, जिनमें माईगॉव की बहुभाषी सुविधा, मोबाइल एप्लिकेशन तथा डिजिटल पहुंच को प्रमुख सुधार के रूप में रेखांकित किया गया है। इससे न केवल भाषाई बाधाओं को दूर किया गया है, बल्कि ग्रामीण और दूरदराज के क्षेत्रों तक भी इसकी पहुंच सुनिश्चित हुई है। बैंकिंग, एसएससी तथा आरबीआई ग्रेड बी जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं के दृष्टिकोण से यह विषय महत्वपूर्ण है, क्योंकि इससे शासन प्रक्रिया में नागरिक भागीदारी, डिजिटल शासन, डेटा संरक्षण तथा नीति-निर्माण के तंत्र जैसे विषयों पर प्रश्न पूछे जा सकते हैं। इसके अलावा, राष्ट्रीय शिक्षा नीति तथा बजट निर्माण में जन-भागीदारी जैसे मुद्दे भी सामान्य जागरूकता और करेंट अफेयर्स के अंतर्गत आ
स्रोत: PIB (Press Information Bureau)
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