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मिशन कर्मयोगी: सरकारी अधिकारियों के लिए AI कौशल विकास — AI adoption in Indian ministries via Mission Karmayogi

प्रासंगिकता — Banking, SSC & RBI Grade B exams: Art & Culture

सरकारी मंत्रालयों और विभागों में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) के बढ़ते उपयोग से प्रशासनिक कार्यक्षमता में क्रांतिकारी बदलाव आ रहा है। केंद्र सरकार के मिशन कर्मयोगी के तहत आई-गोट कर्मयोगी प्लेटफॉर्म पर 1.70 करोड़ से अधिक सरकारी कर्मचारियों को एआई और डिजिटल प्रौद्योगिकियों से संबंधित 218 पाठ्यक्रम उपलब्ध कराए गए हैं, जिनमें 3.3 करोड़ से अधिक शिक्षार्थियों ने प्रशिक्षण पूरा किया है। यह पहल सरकारी अधिकारियों को भविष्य के तकनीकी परिवेश के लिए तैयार करने और डिजिटल कौशल से लैस करने पर केंद्रित है। इसके अतिरिक्त, डिजिटल व्यक्तिगत डेटा संरक्षण अधिनियम, 2023 और उससे संबंधित नियमों के माध्यम से नागरिकों के व्यक्तिगत डेटा की सुरक्षा सुनिश्चित की गई है, जिससे एआई आधारित प्रशासनिक प्रणालियों में पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ी है। यह प्रयास न केवल प्रशासनिक कार्यप्रणाली को सुगम बनाता है बल्कि डेटा सुरक्षा के उच्च मानकों को भी स्थापित करता है, जो समसामयिक तकनीकी चुनौतियों के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

बैंकिंग, एसएससी और आरबीआई ग्रेड बी जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं के दृष्टिकोण से देखा जाए तो एआई और डिजिटल कौशल सरकारी प्रशासन में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। बैंकिंग क्षेत्र में एआई का उपयोग ग्राहक सेवा, धोखाधड़ी रोकथाम और निर्णय लेने की प्रक्रियाओं को बेहतर बनाने में किया जा रहा है, जबकि एसएससी और आरबीआई ग्रेड बी जैसी परीक्षाओं में एआई, डेटा सुरक्षा और डिजिटल प्रशासन से संबंधित प्रश्न पूछे जाते हैं। मिशन कर्मयोगी जैसी पहलों से सरकारी अधिकारियों में तकनीकी साक्षरता बढ़ रही है, जो भविष्य में सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों और वित्तीय संस्थानों में एआई आधारित नवाचार को बढ़ावा देगी। इस प्रकार, एआई और डिजिटल प्रशासन से संबंधित विषय प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए अत्यंत प्रासंगिक हो गए हैं।

स्रोत: PIB (Press Information Bureau)


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