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प्रासंगिकता — Banking, SSC & RBI Grade B exams: Polity & Governance

महिला एवं बाल विकास मंत्रालय ने 0-6 वर्ष की आयु के बच्चों में पोषण संबंधी परिणामों में सुधार लाने के लिए मिशन सक्षम आंगनवाड़ी और पोषण 2.0 का शुभारंभ किया है। यह एक केंद्र प्रायोजित मिशन है, जिसमें आंगनवाड़ी सेवाओं, पोषण अभियान और किशोरियों (14-18 वर्ष, आकांक्षी जिलों और पूर्वोत्तर क्षेत्र में) के लिए योजना शामिल है। इसके लाभार्थियों में 6 वर्ष से कम आयु के बच्चे, गर्भवती महिलाएं, स्तनपान कराने वाली माताएं और किशोरियां शामिल हैं। मंत्रालय ने मार्च 2021 में ‘पोषण ट्रैकर’ एप्लिकेशन की शुरुआत की, जो आंगनवाड़ी सेवाओं की निगरानी और ट्रैकिंग के लिए एक महत्वपूर्ण प्रशासनिक उपकरण है। यह ऐप आंगनवाड़ी केंद्रों के खुलने, बच्चों की दैनिक उपस्थिति, ईसीसीई गतिविधियां, बच्चों की वृद्धि की निगरानी, गर्म पका हुआ भोजन और घर ले जाने वाले राशन के वितरण आदि के लिए वास्तविक समय में डेटा संग्रह की सुविधा प्रदान करता है। पोषण ट्रैकर ऐप में घर ले जाने वाले राशन के वितरण के लिए चेहरे की पहचान प्रणाली (एफआरएस) भी शुरू की गई है, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि लाभ केवल पंजीकृत लक्षित लाभार्थी को ही मिले। महिला एवं बाल विकास मंत्रालय और स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने बच्चों में कुपोषण के प्रबंधन के लिए संयुक्त रूप से प्रोटोकॉल भी जारी किया है।

बैंकिंग, एसएससी और आरबीआई ग्रेड बी जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए यह जानकारी अत्यंत प्रासंगिक है। उम्मीदवारों को केंद्र प्रायोजित योजनाओं, विशेषकर सामाजिक कल्याण से संबंधित योजनाओं की गहरी समझ होनी चाहिए, क्योंकि ये अक्सर सामान्य जागरूकता और करंट अफेयर्स अनुभागों में पूछे जाते हैं। मिशन सक्षम आंगनवाड़ी और पोषण 2.0 की संरचना, इसके लाभार्थी, ‘पोषण ट्रैकर’ जैसे तकनीकी उपकरण और कुपोषण प्रबंधन प्रोटोकॉल जैसे महत्वपूर्ण पहलू सीधे शासन और नीति से संबंधित हैं, जो इन परीक्षाओं के लिए महत्वपूर्ण विषय हैं। इसके अलावा, राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम, 2013 और पोषण मानदंडों में संशोधन जैसे कानूनी और नियामक संदर्भ भी महत्वपूर्ण हैं, जो उम्मीदवारों की देश की सामाजिक-आर्थिक नीतियों की समझ का परीक्षण करते हैं।

स्रोत: PIB (Press Information Bureau)


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