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‘No contact since July’: 3 UP men forced into Russian Army, claim families — labelled illustration

✎ विदेश में भारतीय नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना सरकार की प्राथमिकता है।

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प्रासंगिकता — Banking, SSC & RBI Grade B exams: Security

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तीन युवकों के परिवारों ने बताया है कि उनके बेटे, जो रूस गए थे, उनके पास जुलाई से संपर्क नहीं है। ये तीनों युवक—हिमांशु शर्मा, शक्तिपुंडीर और आशु कुमार—मुजफ्फरनगर और शामली के रहने वाले हैं और उन्होंने रूस जाने के लिए एक स्थानीय एजेंट को लगभग 3.5 लाख रुपये प्रति व्यक्ति दिए थे। परिवारों का आरोप है कि रूसी अधिकारियों ने उनके पासपोर्ट जब्त कर उन्हें सेना में शामिल होने के लिए मजबूर किया। हिमांशु के चाचा ने बताया कि जुलाई में अंतिम कॉल में उसने कहा था कि अधिकारियों ने पासपोर्ट ले लिया और उन्हें सेना में शामिल होने के लिए ले गए। इसी तरह, शक्तिपुंडीर के पिता ने बताया कि उनके बेटे ने कहा था कि उसे हथियारों की ट्रेनिंग दी जा रही है। आशु कुमार के पिता ने भी इसी तरह की शिकायत की, जिसमें उन्होंने कहा कि उनका बेटा भी इसी स्थिति में है। परिवारों ने जिला प्रशासन और विदेश मंत्रालय से मदद मांगी है, लेकिन अभी तक कोई ठोस जवाब नहीं मिला है।

इस मामले की प्रासंगिकता प्रतियोगी परीक्षाओं जैसे बैंक पीओ, आईबीपीएस, एसबीआई, आरबीआई ग्रेड बी और एसएससी के लिए महत्वपूर्ण है। इसमें अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा, विदेश नीति, प्रवासी भारतीयों के मुद्दे और सरकारी हस्तक्षेप जैसे विषय शामिल हैं, जो इन परीक्षाओं में अक्सर पूछे जाते हैं। इसके अलावा, यह मामला विदेशी रोजगार के जोखिम, धोखाधड़ी वाले एजेंटों के खिलाफ सतर्कता और सरकारी तंत्र की भूमिका जैसे मुद्दों पर भी प्रकाश डालता है, जो सामान्य जागरूकता अनुभाग के लिए उपयोगी हो सकते हैं।

स्रोत: The Indian Express


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1 comment on “यूपी के 3 युवकों को रूस ने जबरन सेना में भर्ती किया? परिवारों ने किया दावा