6th-Generation fighterFuture Combat Air SystemParliamentary panelFrench government✎ भारत छठी पीढ़ी के लड़ाकू विमानों में शामिल होकर अपनी वायु शक्ति को मजबूत करेगा।
प्रासंगिकता — Banking, SSC & RBI Grade B exams: Security
रक्षा मंत्रालय ने फ्रांस सरकार द्वारा संचालित ‘फ्यूचर कॉम्बैट एयर सिस्टम’ (एफसीएएस) जैसे छठी पीढ़ी के लड़ाकू विमानों के विकास कार्यक्रम में शामिल होने के प्रयास शुरू कर दिए हैं। संसदीय पैनल को सौंपी गई रिपोर्ट के अनुसार, रक्षा मंत्रालय ने बताया कि उसने फ्रांस के नेतृत्व वाले इस कार्यक्रम में शामिल होने के लिए सक्रिय रूप से प्रयास आरंभ कर दिए हैं। इसके साथ ही, भारतीय वायु सेना (आईएएफ) भी किसी एक संघ (जैसे यूके-इटली-जापान या फ्रांस-जर्मनी) के साथ शामिल होने पर विचार कर रही है, ताकि उन्नत विमानों की दौड़ में पीछे न रह जाए। इस कदम से भारत की हवाई क्षमता में वृद्धि होगी, जो बैंकिंग, एसएससी और आरबीआई ग्रेड बी जैसी परीक्षाओं के लिए महत्वपूर्ण है, क्योंकि इससे रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता, तकनीकी उन्नयन और विदेशी निवेश की संभावनाएं बढ़ती हैं, जो आर्थिक वृद्धि और सुरक्षा दोनों दृष्टिकोण से प्रासंगिक हैं।
इसके अलावा, संसदीय पैनल ने आईएएफ के बजट में वृद्धि की सिफारिश की है, जो 2021-22 में 8.83% से बढ़कर 2026-27 में 10.80% हो गया है। पैनल का मानना है कि वर्तमान भू-राजनीतिक परिदृश्य और हवाई युद्ध की बढ़ती भूमिका को देखते हुए आईएएफ का बजट और बढ़ाया जाना चाहिए। इससे न केवल रक्षा तैयारियों में सुधार होगा, बल्कि रक्षा क्षेत्र में निजी क्षेत्र की भागीदारी भी बढ़ेगी, जो ‘मेक इन इंडिया’ पहल को बल देगी। यह विषय बैंकिंग परीक्षाओं के लिए इसलिए प्रासंगिक है क्योंकि इससे विदेशी मुद्रा भंडार, रक्षा बजट आवंटन और आर्थिक विकास पर पड़ने वाले प्रभावों की समझ विकसित होती है, जबकि एसएससी और आरबीआई ग्रेड बी के लिए यह राष्ट्रीय सुरक्षा, बजटीय प्राथमिकताओं और तकनीकी आत्मनिर्भरता जैसे मुद्दों पर प्रश्नों के उत्तर देने में सहायक होगा।
स्रोत: Mint
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