✎ रक्षा पूंजी अधिग्रहण प्रस्तावों से भारतीय सेना की क्षमता और स्वदेशीकरण को बढ़ावा मिलेगा।
प्रासंगिकता — Banking, SSC & RBI Grade B exams: Security
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में रक्षा अधिग्रहण परिषद (डीएसी) ने सोमवार को भारतीय सशस्त्र बलों के लिए लगभग 1.10 लाख करोड़ रुपये की पूंजी अधिग्रहण प्रस्तावों को मंजूरी दी। डीएसी ने रक्षा बलों की विभिन्न अधिग्रहण प्रस्तावों को ‘आवश्यकता की स्वीकृति’ (एओएन) प्रदान की, जिसमें कुल प्रस्तावों में से लगभग 98 प्रतिशत घरेलू उद्योग से खरीदे जाएंगे। इस प्रस्ताव में भारतीय सेना के लिए सीबीआरएन रिकॉे वाहनों, उच्च गतिशीलता वाले वाहनों, स्व-चालित यांत्रिक खदान बिछाने वाले वाहनों, उन्नत हल्के हेलीकॉप्टरों, ट्रॉल टैंकों और सर्वत्र पुल प्रणाली जैसी प्रमुख प्रणालियों को शामिल किया गया है। नौसेना के लिए अरुध्रा राडार और समुद्री गैस टर्बाइन के डिजाइन एवं विकास को मंजूरी दी गई, जबकि वायु सेना के लिए लड़ाकू क्षमता बढ़ाने वाले प्रस्तावों को स्वीकृति मिली। इस कदम से रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता को बढ़ावा मिलेगा, जिससे घरेलू उद्योग को लाभ होगा और विदेशी निर्भरता कम होगी।
यह प्रस्ताव बैंकिंग, एसएससी और आरबीआई ग्रेड बी जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। बैंकिंग क्षेत्र में, रक्षा क्षेत्र में पूंजी निवेश से संबंधित प्रश्न आर्थिक सर्वेक्षण, बजट और सरकारी योजनाओं के तहत पूछे जा सकते हैं। एसएससी परीक्षाओं में राष्ट्रीय सुरक्षा, रक्षा उत्पादन और आत्मनिर्भरता जैसे विषय सामान्य ज्ञान अनुभाग में शामिल होते हैं। आरबीआई ग्रेड बी में, रक्षा बजट और पूंजीगत व्यय से संबंधित आर्थिक प्रभावों पर प्रश्न पूछे जा सकते हैं, जिससे उम्मीदवारों को अर्थव्यवस्था और सुरक्षा के अंतर्संबंध को समझने में मदद मिलेगी।
स्रोत: orissapost.com
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