प्रासंगिकता — Banking, SSC & RBI Grade B exams: Polity & Governance
राष्ट्रीय तकनीकी वस्त्र मिशन (एनटीटीएम) की शुरुआत वर्ष 2020 में वस्त्र मंत्रालय द्वारा तकनीकी वस्त्र क्षेत्र के विकास एवं संवर्धन के उद्देश्य से की गई थी। इस मिशन के माध्यम से कृषि वस्त्र, भू-वस्त्र, चिकित्सा वस्त्र, औद्योगिक वस्त्र, सुरक्षात्मक वस्त्र तथा खेल प्रौद्योगिकी जैसे क्षेत्रों में स्वदेशी उत्पादन एवं व्यावसायीकरण को बढ़ावा दिया जा रहा है। एनटीटीएम के घटक-II के अंतर्गत अब तक 47 राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलनों का आयोजन किया गया है, जिससे तकनीकी वस्त्रों के अनुप्रयोगों एवं लाभों के प्रति जागरूकता बढ़ी है। वित्त वर्ष 2025-26 में घरेलू तकनीकी वस्त्र उद्योग ने 3,420.20 करोड़ रुपये का शुद्ध व्यापार अधिशेष दर्ज किया, जिसमें निर्यात 29,217.60 करोड़ रुपये तथा आयात 25,797.40 करोड़ रुपये रहा। इससे स्पष्ट होता है कि एनटीटीएम के प्रयासों से तकनीकी वस्त्र क्षेत्र में भारत की निर्यात क्षमता में वृद्धि हो रही है, जो देश के व्यापार संतुलन को सुदृढ़ करने में सहायक सिद्ध हो रहा है।
राष्ट्रीय तकनीकी वस्त्र मिशन का उद्देश्य तकनीकी वस्त्रों के उपयोग को बढ़ावा देने के लिए विभिन्न अंतिम उपयोगकर्ता मंत्रालयों एवं राज्य सरकारों द्वारा चिन्हित क्षेत्रों में तकनीकी वस्त्रों को अनिवार्य रूप से अपनाने की अनुशंसा करना भी है। इसके अतिरिक्त, वस्त्रों के लिए उत्पादन-लिंक्ड प्रोत्साहन (पीएलआई) योजना के माध्यम से मानव निर्मित फाइबर एवं तकनीकी वस्त्रों की मूल्य श्रृंखला में निवेश को प्रोत्साहित किया जा रहा है, जिससे उत्पादन क्षमता, नवाचार एवं प्रतिस्पर्धात्मकता में वृद्धि हो रही है। यह मिशन न केवल घरेलू उद्योग को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाने में सहायक है, बल्कि इसका प्रभाव बैंकिंग, एसएससी एवं आरबीआई ग्रेड बी जैसी परीक्षाओं में भी देखा जा सकता है, जहां राष्ट्रीय योजनाओं, व्यापार संतुलन एवं उद्योग विकास जैसे विषयों पर प्रश्न पूछे जाते
स्रोत: PIB (Press Information Bureau)
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