✎ जन्म-मृत्यु पंजीकरण संशोधन विधेयक 2026 के माध्यम से सरकार ने पंजीकरण प्रक्रिया को सरल और पारदर्शी बनाने का प्रयास किया है।
प्रासंगिकता — Banking, SSC & RBI Grade B exams: Polity
लोकसभा ने ३१ जुलाई २०२६ को जन्म-मृत्यु पंजीकरण (संशोधन) विधेयक, २०२६ पारित कर दिया, जबकि विपक्ष ने पुलिस द्वारा छात्रों पर गोली चलाने की घटना के विरोध में सदन में हंगामा किया। संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने विपक्ष पर चर्चा में शामिल न होने के लिए निराशा व्यक्त की और उन्हें व्यवधान के बजाय बहस में भाग लेने की अपील की। सदन में लगातार नारेबाजी के कारण कार्यवाही समाप्त कर दी गई और ३ अगस्त तक स्थगित कर दी गई। विधेयक का उद्देश्य जन्म-मृत्यु पंजीकरण प्रणाली को डिजिटल बनाना और आधार से जोड़ना है, जिससे सरकारी योजनाओं और सेवाओं में पारदर्शिता बढ़ेगी।
इस विधेयक का बैंकिंग, एसएससी और आरबीआई ग्रेड बी परीक्षाओं के लिए विशेष महत्व है। जन्म-मृत्यु पंजीकरण सरकारी कल्याणकारी योजनाओं जैसे जन धन योजना, आयुष्मान भारत और प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (डीबीटी) के लिए आधार बनाता है, जो बैंकिंग प्रणाली में केवाईसी प्रक्रियाओं को सुगम बनाता है। इसके अलावा, यह विधेयक प्रशासनिक पारदर्शिता और डेटा संग्रहण में सुधार लाकर सरकारी नीतियों के क्रियान्वयन को मजबूत करता है, जो परीक्षाओं में प्रशासनिक सुधारों और डिजिटल शासन से संबंधित प्रश्नों के लिए प्रासंगिक है।
स्रोत: The Hindu
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