✎ डिजिटल बैंक रिकॉर्ड को कानूनी साक्ष्य के रूप में मान्यता देने वाला विधेयक लोकसभा द्वारा पारित।
प्रासंगिकता — Banking, SSC & RBI Grade B exams: Polity
लोकसभा ने हाल ही में बैंकर्स बुक्स एविडेंस (संशोधन) बिल, 2026 पारित किया है, जिससे डिजिटल बैंक रिकॉर्ड को कानूनी सबूत के रूप में मान्यता मिल गई है। इस बिल के तहत अब बैंक अपने ग्राहकों के लेन-देन संबंधी डिजिटल रिकॉर्ड, ई-मेल, एसएमएस, चैट और अन्य इलेक्ट्रॉनिक माध्यमों को न्यायालय में सबूत के तौर पर पेश कर सकेंगे। इससे बैंकिंग प्रणाली में पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ेगी, साथ ही धोखाधड़ी और वित्तीय अपराधों की रोकथाम में भी मदद मिलेगी। यह कदम डिजिटल इंडिया अभियान को बल देगा और बैंकिंग क्षेत्र में तकनीकी नवाचार को बढ़ावा देगा, जिससे बैंकिंग सेवाएं और अधिक कुशल एवं सुरक्षित बन सकेंगी।
इस बिल का महत्व बैंक पीओ, आईबीपीएस, एसबीआई, आरबीआई ग्रेड बी और एसएससी जैसी परीक्षाओं के लिए अत्यंत प्रासंगिक है, क्योंकि इसमें बैंकिंग विनियमन, सबूत की कानूनी मान्यता और डिजिटल लेन-देन से संबंधित प्रावधान शामिल हैं। परीक्षाओं में इस विषय से प्रश्न पूछे जाने की संभावना है, जैसे कि डिजिटल सबूतों की कानूनी स्थिति, बैंकिंग क्षेत्र में तकनीकी परिवर्तन, या सबूत अधिनियम से संबंधित प्रावधान। इसके अलावा, आरबीआई ग्रेड बी के मुख्य परीक्षा में भी इस तरह के विषयों पर विस्तृत विश्लेषण की अपेक्षा की जा सकती है, जहां बैंकिंग प्रणाली के कानूनी पहलुओं पर गहन चर्चा होती है।
स्रोत: ndtv.com
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