✎ डिजिटल बैंक रिकॉर्ड अब न्यायालय में प्रमाण के रूप में स्वीकार्य होंगे, जिससे न्याय प्रणाली में पारदर्शिता बढ़ेगी।
प्रासंगिकता — Banking, SSC & RBI Grade B exams: Polity
**संसद के मानसून सत्र का 13वाँ दिन: लोकसभा ने पारित किया बैंकर बुक्स इविडेंस बिल, 2026 जिसमें डिजिटल बैंक रिकॉर्ड को न्यायालय में प्रमाण के रूप में स्वीकार किया जाएगा। विपक्ष के लगातार विरोध प्रदर्शन के बीच यह बिल बिना चर्चा के ही ध्वनिमत से पारित कर दिया गया। इस बिल का उद्देश्य बैंकिंग क्षेत्र में डिजिटल लेन-देन और रिकॉर्ड को कानूनी मान्यता प्रदान करना है, जिससे बैंकिंग धोखाधड़ी और वित्तीय अपराधों की जाँच में पारदर्शिता और सुगमता आएगी। यह कानून बैंकिंग प्रणाली को आधुनिक बनाने और तकनीकी रूप से सुदृढ़ बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जो न केवल बैंकिंग संस्थानों बल्कि आम नागरिकों के हितों की भी रक्षा करेगा।**
**इस बिल का महत्व बैंक पीओ, आईबीपीएस, एसबीआई, आरबीआई ग्रेड बी और एसएससी जैसी परीक्षाओं के लिए अत्यधिक प्रासंगिक है। बैंकिंग परीक्षाओं में इस तरह के विधायी सुधारों से संबंधित प्रश्न पूछे जाते हैं, जहाँ डिजिटल बैंकिंग, साइबर सुरक्षा और सबूतों की कानूनी मान्यता जैसे विषयों पर ध्यान केंद्रित किया जाता है। आरबीआई ग्रेड बी के पाठ्यक्रम में भी बैंकिंग विनियमन और कानूनी ढांचे से संबंधित विषय शामिल हैं, जहाँ इस बिल का उल्लेख आर्थिक सुधारों और तकनीकी नवाचार के संदर्भ में किया जा सकता है। इसी प्रकार, एसएससी सीजीएल और सीएचएसएल जैसी परीक्षाओं में भी सामान्य ज्ञान अनुभाग में इस प्रकार के विधायी परिवर्तनों से संबंधित प्रश्न पूछे जा सकते हैं, जो देश की विकासात्मक नीतियों और कानूनी ढांचे को समझने में सहायक होंगे।**
स्रोत: The Indian Express
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