✎ AI विनियमन में मानव जवाबदेही और संस्थागत नियंत्रण आवश्यक है ताकि तकनीकी जोखिमों को रोका जा सके।
प्रासंगिकता — Banking, SSC & RBI Grade B exams: Science & Technology
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने वैश्विक स्तर पर तकनीक के विस्तार के बीच कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) के लिए स्पष्ट नियमन और उद्योग मंच की आवश्यकता पर बल दिया है। उन्होंने मुंबई में आयोजित ग्लोबल फिनटेक फेस्ट में कहा कि एआई वित्तीय निर्णयों और लेनदेन को गति दे सकता है, लेकिन इसके साथ ही धोखाधड़ी, साइबर हमलों और अन्य विफलताओं के प्रसार का जोखिम भी बढ़ जाता है। सीतारमण ने कहा कि एआई निर्णय लेने में सहायता कर सकता है, लेकिन जवाबदेही मानव और संस्थागत स्तर पर ही बनी रहनी चाहिए। उन्होंने उच्च जोखिम वाले एआई उपयोगों के लिए पूर्व-तैनाती और जीवन चक्र के दौरान सख्त निगरानी की आवश्यकता पर जोर दिया। इसके अलावा, उन्होंने एआई के अनियंत्रित विकास से जुड़े खतरों पर भी चिंता व्यक्त की और कहा कि संस्थागत जवाबदेही सुनिश्चित करना आवश्यक है।
यह मुद्दा बैंकिंग, एसएससी और आरबीआई ग्रेड बी परीक्षाओं के लिए अत्यंत प्रासंगिक है, क्योंकि एआई और फिनटेक के बढ़ते प्रभाव से वित्तीय प्रणाली में नई चुनौतियां उत्पन्न हो रही हैं। बैंकिंग क्षेत्र में एआई के उपयोग से धोखाधड़ी रोकथाम, ग्राहक सेवा और जोखिम प्रबंधन में सुधार हो सकता है, लेकिन इसके साथ ही साइबर सुरक्षा और डेटा गोपनीयता जैसे मुद्दे भी उभर रहे हैं। आरबीआई ग्रेड बी परीक्षा में एआई के विनियामक पहलुओं और वित्तीय स्थिरता पर इसके प्रभाव पर प्रश्न पूछे जा सकते हैं। इसी प्रकार, एसएससी परीक्षाओं में भी तकनीकी नवाचार और उनके सामाजिक-आर्थिक प्रभावों पर आधारित प्रश्नों की संभावना रहती है।
स्रोत: orissapost.com
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