✎ ‘विशेष स्वच्छता अभियान 6.0’ के तहत ई-कचरे और कबाड़ के निपटान से 5,102.91 करोड़ रुपये की कमाई हुई तथा पांच वर्षों में 1,049 लाख वर्ग फीट स्थान खाली कराया गया।
प्रासंगिकता — Banking, SSC & RBI Grade B exams: Polity & Governance
डॉ. जितेंद्र सिंह द्वारा कार्मिक, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी तथा पृथ्वी विज्ञान मंत्रालयों में शुरू किए गए ‘विशेष स्वच्छता अभियान 6.0’ का उद्देश्य केवल साफ-सफाई तक सीमित नहीं रहा, बल्कि यह सुशासन, संसाधनों के कुशल प्रबंधन और जन-सेवा की स्थायी संस्कृति को स्थापित करने वाला एक व्यापक अभियान बन गया है। इस अभियान के माध्यम से सरकारी कार्यालयों में बेकार पड़े सामान, पुरानी फाइलें, ई-कचरा और कबाड़ के निपटान से न केवल 5,102.91 करोड़ रुपये की बचत हुई है, बल्कि 1,049 लाख वर्ग फीट से अधिक जगह भी मुक्त कराई गई है, जिसका उपयोग हरित क्षेत्र या अन्य सार्वजनिक हित के कार्यों में किया जा सकेगा। यह पहल प्रशासनिक दक्षता बढ़ाने के साथ-साथ सरकारी संसाधनों के बेहतर उपयोग को भी प्रोत्साहित करती है, जो बैंकिंग, एसएससी और आरबीआई ग्रेड बी जैसी परीक्षाओं के लिए अत्यंत प्रासंगिक है, जहां सरकारी नीतियों, संसाधन प्रबंधन और सुशासन जैसे विषयों पर प्रश्न पूछे जाते हैं।
इस अभियान की सफलता ने सरकारी कार्यालयों में ‘कचरे से संपदा’ की अवधारणा को मूर्त रूप दिया है, जिसमें सीएसआईआर जैसी संस्थाओं द्वारा अपनाई गई तकनीकों से कचरे का पुनर्चक्रण और मूल्य सृजन किया जा रहा है। यह प्रयास न केवल पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देता है, बल्कि सरकारी खजाने को भी मजबूत करता है। बैंकिंग क्षेत्र में जहां संसाधनों के अनुकूलन और दक्षता पर जोर दिया जाता है, वहीं एसएससी एवं आरबीआई ग्रेड बी परीक्षाओं में भी सरकारी योजनाओं, स्वच्छता अभियानों और संसाधन प्रबंधन के प्रश्नों का महत्व बढ़ रहा है। इस अभियान से संबंधित आंकड़े, जैसे कि 180.48 लाख फाइलों का निपटान और 24.20 लाख स्थानों की सफाई, परीक्षाओं में तथ्यात्मक प्रश्नों के लिए उपयोगी साबित हो सकते हैं।
स्रोत: PIB (Press Information Bureau)
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