
✎ विश्व युद्ध का जोखिम अब सबसे बड़ा वैश्विक खतरा बन चुका है, जिसके लिए तुरंत निवारक उपायों की आवश्यकता है।
प्रासंगिकता — Banking, SSC & RBI Grade B exams: Economy/Governance
**हाल ही में संयुक्त राष्ट्र द्वारा प्रकाशित एक सर्वेक्षण रिपोर्ट के अनुसार, दुनिया भर के विशेषज्ञों और नीति निर्माताओं को अब किसी बड़े युद्ध का खतरा सबसे गंभीर वैश्विक जोखिम के रूप में दिखाई दे रहा है। यह सर्वेक्षण 1,300 से अधिक विशेषज्ञों—जिनमें सरकारी प्रतिनिधि, अंतरराष्ट्रीय संगठनों के अधिकारी, निजी क्षेत्र के नेता, शिक्षाविद और नागरिक समाज के सदस्य शामिल हैं—के विचारों पर आधारित है। इसमें 28 राजनीतिक, आर्थिक, पर्यावरणीय, सामाजिक और तकनीकी जोखिमों को लेकर उनकी राय ली गई थी। सर्वेक्षण के अनुसार, बड़े पैमाने पर युद्ध 2024 की तुलना में 16 स्थान ऊपर आ गया है, जिसे सबसे तेज़ वृद्धि माना गया है। 36 प्रतिशत विशेषज्ञों का मानना है कि इसके प्रभाव अगले एक साल में ही वैश्विक स्तर पर व्यापक हो सकते हैं, जबकि 76 प्रतिशत को लगता है कि सात साल के भीतर ऐसा हो सकता है। इसके अलावा, युद्ध को सर्वाधिक आपातकालीन और अन्य जोखिमों से सबसे अधिक जुड़ा हुआ माना गया है, जबकि संस्थानों की इसकी रोकथाम में तैयारी बेहद कम है।**
**यह रिपोर्ट बैंकिंग, एसएससी और आरबीआई ग्रेड बी जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए अत्यंत प्रासंगिक है क्योंकि यह वैश्विक जोखिमों के प्रति बढ़ती चिंता को उजागर करती है, जो अर्थव्यवस्था, शासन और भू-राजनीतिक स्थिरता पर सीधा प्रभाव डालती है। बैंकिंग क्षेत्र में, युद्ध या भू-राजनीतिक तनाव के कारण आपूर्ति श्रृंखला में व्यवधान, मुद्रास्फीति और वित्तीय बाज़ारों में अस्थिरता उत्पन्न हो सकती है, जिससे ऋण जोखिम और निवेश निर्णय प्रभावित होते हैं। एसएससी परीक्षाओं में इस तरह के वैश्विक मुद्दों से संबंधित प्रश्न अर्थव्यवस्था, शासन और अंतरराष्ट्रीय संबंधों के खंडों में पूछे जा सकते हैं। इसी प्रकार, आरबीआई ग्रेड बी जैसी परीक्षाओं में भू-राजनीतिक जोखिमों के आर्थिक प्रभावों, केंद्रीय बैंक की नीतियों और वित्तीय स्थिरता पर उनके प्रभावों से संबंधित प्रश्न पूछे जा सकते हैं। रिपोर्ट में उल्लिखित कमजोर
स्रोत: news.un.org
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