
✎ पीएमआईएस योजना के पायलट चरण में धन की कमी एवं कम भागीदारी प्रमुख चिंता रही है, जिसके लिए समयबद्ध कार्ययोजना एवं संरचित सहायता प्रणाली आवश्यक है।
प्रासंगिकता — Banking, SSC & RBI Grade B exams: Polity & Governance
**संसदीय समिति ने इंटर्नशिप योजना के लिए समयबद्ध कार्य योजना की मांग की**
हाल ही में संसद की एक स्थायी समिति ने प्रधानमंत्री इंटर्नशिप योजना (पीएमआईएस) के पायलट चरण में सामने आए कमजोर क्रियान्वयन और धन के अप्रयुक्त रहने के मुद्दों को उठाते हुए सरकार से समयबद्ध कार्य योजना तैयार करने की मांग की है। समिति ने कॉर्पोरेट मामलों के मंत्रालय द्वारा प्रस्तुत बजट अनुमानों और वास्तविक उपयोग के बीच अंतर को चिह्नित करते हुए कहा कि योजना के लिए आवंटित ₹2,000 करोड़ में से केवल ₹29.29 करोड़ ही खर्च किए गए, जो अवशोषण क्षमता के अतिरेक और धीमी गति से कार्यान्वयन को दर्शाता है। समिति ने महिला उम्मीदवारों एवं ग्रामीण युवाओं के लिए यात्रा, आवास एवं पुनर्वास संबंधी संरचित सहायता प्रणाली विकसित करने पर भी जोर दिया है। इसके अतिरिक्त, समिति ने योजना के पूर्ण क्रियान्वयन से पूर्व पायलट चरण से सीख लेकर योजना का पुनर्मूल्यांकन करने तथा मापन योग्य प्रदर्शन संकेतकों के साथ एक विस्तृत कार्य योजना प्रस्तुत करने की आवश्यकता जताई है।
यह मुद्दा बैंकिंग, एसएससी एवं आरबीआई ग्रेड बी जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए अत्यंत प्रासंगिक है, क्योंकि इसमें शासन प्रणाली, बजटीय प्रक्रिया एवं नीति निर्माण के महत्वपूर्ण पहलुओं को शामिल किया गया है। पीएमआईएस जैसी योजनाओं के माध्यम से सरकारी नीतियों के क्रियान्वयन, धन के उपयोग तथा जन-कल्याणकारी योजनाओं की प्रभावशीलता का मूल्यांकन किया जाता है, जो परीक्षाओं में सामान्य जागरूकता एवं नीति संबंधी प्रश्नों के संदर्भ में पूछा जा सकता है। इसके अलावा, डिजिटल प्रतिस्पर्धा विधेयक जैसे अन्य विधायी पहलुओं पर भी समिति की टिप्पणियां परीक्षाओं में नीति एवं अर्थव्यवस्था के अंतर्संबंध को समझने में सहायक सिद्ध हो सकती हैं।
स्रोत: Business Standard
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