
✎ सरकारी स्कूल शिक्षकों में AI का बढ़ता उपयोग और इसके सकारात्मक तथा नकारात्मक पहलुओं पर ध्यान देना आवश्यक है।
प्रासंगिकता — Banking, SSC & RBI Grade B exams: Economy/Governance
सरकारी स्कूलों के लगभग 26 प्रतिशत शिक्षक नियमित रूप से कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) का उपयोग करते हैं, जबकि 72 प्रतिशत शिक्षकों ने एआई के प्रति सकारात्मक रुख व्यक्त किया है। यह जानकारी ‘जनएआई’ नामक संगठन द्वारा जारी एक रिपोर्ट में सामने आई है, जिसमें बताया गया है कि शिक्षक एआई को पढ़ाने के साधन के रूप में इस्तेमाल कर रहे हैं, खासकर कठिन अवधारणाओं को सरल बनाने, उदाहरण तैयार करने और मूल्यांकन तैयार करने जैसे कार्यों में। हालांकि, 86 प्रतिशत शिक्षकों का मानना है कि एआई उनके काम को अधिक प्रभावी बनाता है, लेकिन इससे छात्रों की तकनीक पर निर्भरता भी बढ़ रही है। यह रिपोर्ट उन सरकारी स्कूलों के शिक्षकों पर केंद्रित है, जो तकनीकी संसाधनों की कमी के बावजूद एआई को अपना रहे हैं, जिससे यह स्पष्ट होता है कि शिक्षा क्षेत्र में तकनीकी बदलाव की प्रक्रिया तेजी से आगे बढ़ रही है।
बैंकिंग, एसएससी और आरबीआई ग्रेड बी जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए यह विषय महत्वपूर्ण है क्योंकि इससे सरकारी नीतियों, शिक्षा क्षेत्र में तकनीकी बदलाव और सामाजिक-आर्थिक विकास के बीच संबंधों को समझने में मदद मिलती है। एआई का शिक्षा में बढ़ता उपयोग न केवल शिक्षण पद्धतियों में क्रांतिकारी बदलाव ला रहा है, बल्कि इससे सरकारी योजनाओं के कार्यान्वयन और सार्वजनिक सेवाओं में सुधार की संभावनाएं भी बढ़ रही हैं। इसके अलावा, इस तरह के तकनीकी नवाचार देश के मानव संसाधन विकास और कौशल वृद्धि में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं, जो भविष्य की नौकरियों और आर्थिक विकास के लिए आवश्यक हैं।
स्रोत: The Hindu
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