✎ सेमीकॉन 2.0 योजना भारत में चिप निर्माण पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूत करने के लिए 1.27 लाख करोड़ रुपये आवंटित करती है।
प्रासंगिकता — Banking, SSC & RBI Grade B exams: Polity & Governance
सरकार ने देश में सेमीकंडक्टर निर्माण पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूत करने के लिए १.२७ लाख करोड़ रुपये की ‘सेमीकॉन २.० योजना’ को अधिसूचित कर दिया है। यह योजना छह खंडों में विभाजित है, जिसमें भारतीय कंपनियों द्वारा चिप डिजाइनिंग, चिप उत्पादन के लिए पूंजी उपकरण इकाइयों की स्थापना, सेमीकंडक्टर फैब्स, चिप असेंबली, पैकेजिंग और परीक्षण जैसी गतिविधियाँ शामिल हैं। सरकार ने इस योजना के माध्यम से सेमीकंडक्टर क्षेत्र को निरंतर नीति समर्थन प्रदान करने का निर्णय लिया है, जिससे राष्ट्रीय रणनीतिक और महत्वपूर्ण अवसंरचना के लिए आत्मनिर्भर तकनीकों का विकास किया जा सके। योजना का उद्देश्य सेमीकंडक्टर आईपी कोर, चिप्स, सिस्टम-ऑन-चिप्स (एसओसी) और मॉड्यूल के स्थानीय विकास पर ध्यान केंद्रित करना है, जो राष्ट्रीय प्राथमिकताओं के आधार पर चिह्नित किए जाएंगे।
इस योजना का बैंकिंग, एसएससी और आरबीआई ग्रेड बी परीक्षाओं के लिए विशेष महत्व है। बैंकिंग क्षेत्र में, सेमीकंडक्टर उद्योग के विकास से इलेक्ट्रॉनिक्स और आईटी क्षेत्रों में निवेश बढ़ेगा, जिससे ऋण विस्तार और आर्थिक वृद्धि को बल मिलेगा। एसएससी परीक्षाओं में, इससे संबंधित प्रश्न राष्ट्रीय अर्थव्यवस्था, तकनीकी विकास और सरकारी योजनाओं के संदर्भ में पूछे जा सकते हैं। आरबीआई ग्रेड बी परीक्षाओं के लिए, यह योजना देश के तकनीकी आत्मनिर्भरता और आर्थिक संप्रभुता के दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण है, जो मौद्रिक नीति और वित्तीय स्थिरता से जुड़े प्रश्नों में सहायक हो सकती है।
स्रोत: orissapost.com
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