
✎ कृष्णा नदी पर लिफ्ट सिंचाई विवाद से आंध्र प्रदेश के कृषि क्षेत्र और जल सुरक्षा पर संकट उत्पन्न हो सकता है।
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**सीपीआई ने आंध्र प्रदेश सरकार से तेलंगाना को पुलिचिंतला के पास लिफ्ट सिंचाई परियोजना शुरू करने से रोकने की मांग की**
कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया (सीपीआई) ने आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू से तुरंत हस्तक्षेप कर तेलंगाना सरकार द्वारा पुलिचिंतला परियोजना के निकट राजीव गांधी लिफ्ट सिंचाई योजना के निर्माण को रोकने की मांग की है। सीपीआई के राज्य सचिव जी. एस्वरैया ने मुख्यमंत्री को लिखे पत्र में बताया कि तेलंगाना द्वारा 394 करोड़ रुपये की लागत से बुग्गा मदारम और डोंडापाडू गांवों के बीच शुरू की जा रही यह परियोजना प्रतिदिन 2,500 क्यूसेक पानी निकालने में सक्षम है, जिसका उद्देश्य नागार्जुनसागर बाएं मुख्य नहर प्रणाली के अंतर्गत लगभग 14,000 एकड़ भूमि की सिंचाई को स्थिर करना है। उनका कहना है कि इस परियोजना से आंध्र प्रदेश में पुलिचिंतला जलाशय पर निर्भर 21 लिफ्ट सिंचाई योजनाओं के साथ-साथ 50,000 एकड़ कृषि भूमि और ग्रामीण पेयजल आपूर्ति प्रभावित हो सकती है, जिससे हजारों किसानों को कठिनाई का सामना करना पड़ सकता है। एस्वरैया ने बताया कि पुलिचिंतला परियोजना कृष्णा नदी के प्रवाह को नियंत्रित कर डेल्टा क्षेत्रों में सिंचाई और पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित करती है, जो 13 लाख एकड़ भूमि को लाभान्वित करती है।
उन्होंने कहा कि आंध्र प्रदेश पुनर्गठन अधिनियम, 2014 की धाराओं 84 और 85 के तहत कृष्णा बेसिन में कोई नई लिफ्ट सिंचाई परियोजना शुरू करने से पहले केंद्र सरकार के जल शक्ति मंत्री की अध्यक्षता वाली शीर्ष परिषद और कृष्णा नदी प्रबंधन बोर्ड (केआरएमबी) की मंजूरी आवश्यक है। उन्होंने आरोप लगाया कि बिना मंजूरी के शुरू की गई इस परियोजना से कानूनी विवाद उत्पन्न हो सकते हैं और आंध्र प्रदेश सरकार से केंद्र सरकार से हस्तक्षेप कर इस परिय
स्रोत: The Hindu
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