✎ तीन-भाषा नीति लागू करने के लिए केंद्र सरकार प्रयासरत है, सुप्रीम कोर्ट ने मामले की सुनवाई टाल दी है।
प्रासंगिकता — Banking, SSC & RBI Grade B exams: Polity & Governance
सुप्रीम कोर्ट में चल रही सुनवाई के दौरान केंद्र सरकार ने स्पष्ट किया है कि वह सीबीएसई की तीन-भाषा नीति को लागू करने के तरीकों पर सक्रियता से काम कर रही है। इस नीति के तहत नौवीं कक्षा के छात्रों को तीन भाषाओं का अध्ययन करना होगा, जिनमें से दो भारतीय भाषाएं अनिवार्य होंगी। केंद्र सरकार का यह रुख राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 और राष्ट्रीय पाठ्यचर्या रूपरेखा 2023 के अनुरूप है, जिसका उद्देश्य छात्रों को बहुभाषी बनाना और उनकी शिक्षा में गुणवत्ता लाना है। हालांकि, सुप्रीम कोर्ट ने इस नीति को लागू करने के तरीके पर पुनर्विचार करने की सलाह दी है, ताकि छात्रों पर अनावश्यक दबाव न पड़े और भाषा विकल्पों के लिए पर्याप्त संसाधन उपलब्ध कराए जा सकें।
यह मुद्दा न केवल शिक्षा जगत बल्कि प्रतियोगी परीक्षाओं जैसे बैंक पीओ, आईबीपीएस, एसबीआई, आरबीआई ग्रेड बी और एसएससी के दृष्टिकोण से भी महत्वपूर्ण है। इन परीक्षाओं में राष्ट्रीय शिक्षा नीति और भाषा संबंधी नीतियों से जुड़े प्रश्न अक्सर पूछे जाते हैं। साथ ही, इस नीति के माध्यम से सरकार का उद्देश्य देश की भाषाई विविधता को संरक्षित करते हुए शिक्षा प्रणाली को अधिक समावेशी बनाना है, जो कि समसामयिक घटनाओं और सरकारी नीतियों के विश्लेषण के लिहाज से भी प्रासंगिक है।
स्रोत: amarujala.com
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