प्रासंगिकता — Banking, SSC & RBI Grade B exams: Polity & Governance
भारी उद्योग मंत्रालय तथा इसके केंद्रीय सार्वजनिक क्षेत्र के उद्यमों (सीपीएसई) एवं स्वायत्त निकायों (एबी) ने ‘स्वच्छता ही सेवा (एसएचएस) 2026’ और ‘विशेष अभियान 6’ का आयोजन किया है, जिसका उद्देश्य स्वच्छता, सततता और जनभागीदारी को बढ़ावा देना है। इस अभियान के अंतर्गत 17 सितंबर से 17 अक्टूबर, 2026 तक चले राष्ट्रव्यापी ‘स्वच्छता ही सेवा-2026’ में 81 स्वच्छता लक्ष्य इकाइयों (सीटीयू) का कायाकल्प किया गया तथा 85 सार्वजनिक स्थलों की सफाई की गई। इसके अतिरिक्त, ‘विशेष अभियान 6’ के तहत 2 अक्टूबर से 31 अक्टूबर, 2026 तक लंबित मामलों के निपटान के लिए कार्यालयों एवं औद्योगिक इकाइयों में 1,424 स्वच्छता अभियान चलाए गए, जिसमें 47,97,239 वर्ग फुट जगह खाली कराई गई तथा 34,440 भौतिक फाइलों की समीक्षा कर 25,899 फाइलों को हटाया गया। इस पहल से सरकारी कार्यप्रणाली में पारदर्शिता और दक्षता बढ़ाने के साथ-साथ स्वच्छ भारत–विकसित भारत के दृष्टिकोण को साकार करने में मदद मिलेगी।
यह अभियान बैंकिंग, एसएससी एवं आरबीआई ग्रेड बी जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए अत्यंत प्रासंगिक है, क्योंकि इससे सरकारी नीतियों, स्वच्छता अभियानों और सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों (पीएसयू) की भूमिका के बारे में जानकारी मिलती है। विशेष रूप से, ‘विशेष अभियान’ सरकारी कार्यालयों में लंबित मामलों के निपटान और ई-गवर्नेंस को बढ़ावा देने पर केंद्रित है, जो आरबीआई ग्रेड बी के पाठ्यक्रम में शामिल ‘गवर्नेंस’ और ‘पीएसयू’ विषयों के लिए महत्वपूर्ण है। इसी प्रकार, ‘स्वच्छता ही सेवा’ अभियान ‘सतत विकास लक्ष्यों’ (एसडीजी) और ‘जन आंदोलन’ जैसे विषयों से जुड़ा है, जो एसएससी और बैंक पीओ परीक्षाओं में अक्सर पूछे जाते हैं। इस प्रकार, यह नोट सरकारी पहलों, उनके क्रियान्वयन और उनके परीक्षा दृष्टिकोण से संबंधित जानकारी प्रदान करता है।
स्रोत: PIB (Press Information Bureau)
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