✎ स्वामित्व योजना ग्रामीण संपत्ति के मालिकाना अधिकार सुनिश्चित कर ग्रामीण विकास में पारदर्शिता लाती है।
प्रासंगिकता — Banking, SSC & RBI Grade B exams: Polity & Governance
स्वामित्व योजना भारत सरकार की एक प्रमुख पहल है जिसका उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में संपत्ति के स्वामित्व अधिकारों को स्पष्ट और कानूनी रूप से स्थापित करना है। इसके अंतर्गत ड्रोन सर्वेक्षण और सीओआरएस तकनीक का उपयोग कर ग्रामीण बस्तियों के उच्च सटीकता वाले मानचित्र तैयार किए जाते हैं, जिससे संपत्ति की सीमाओं का स्पष्ट निर्धारण होता है। इससे न केवल संपत्ति संबंधी विवादों में कमी आती है, बल्कि ग्रामीणों को अपने संपत्ति अधिकारों का कानूनी प्रमाण भी मिलता है। अब तक इस योजना के माध्यम से 3.30 लाख गांवों में सर्वेक्षण पूरा किया जा चुका है, जिसके परिणामस्वरूप 11,147 ऋण स्वामित्व संपत्ति कार्ड के आधार पर वितरित किए गए हैं, जिनकी कुल राशि 1,713 करोड़ रुपये है। यह योजना ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने और वित्तीय समावेशन को बढ़ावा देने में सहायक सिद्ध हो रही है।
स्वामित्व योजना का महत्व बैंकिंग, एसएससी और आरबीआई ग्रेड बी जैसी परीक्षाओं के दृष्टिकोण से भी अत्यधिक है। बैंकिंग क्षेत्र में यह योजना ग्रामीण ऋण वितरण प्रक्रिया को पारदर्शी और सुरक्षित बनाती है, जिससे बैंकों को संपत्ति के कानूनी स्वामित्व का प्रमाण मिलता है। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में ऋण वसूली में भी सुधार होता है। एसएससी परीक्षाओं में इस योजना से संबंधित प्रश्न राष्ट्रीय योजनाओं, ग्रामीण विकास और डिजिटल इंडिया जैसे विषयों के अंतर्गत पूछे जा सकते हैं। वहीं, आरबीआई ग्रेड बी परीक्षा में ग्रामीण अर्थव्यवस्था, वित्तीय समावेशन और डिजिटल भूमि रिकॉर्ड जैसे मुद्दों पर इसका उल्लेख किया जा सकता है। इस प्रकार, यह योजना न केवल ग्रामीण भारत के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है, बल्कि विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए भी एक महत्वपूर्ण विषय बन गई है।
स्रोत: PIB (Press Information Bureau)
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