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हाथरस नगर पालिका: जीआईएस सर्वे में देरी, 17 माह बाद सिर्फ 60% पूरा
जीआईएस सर्वेक्षण: निर्धारित समय बनाम वास्तविक स्थितिनिर्धारित समयवास्तविक स्थितिकुल समय सीमा6 माह17 माहकाम पूरा हुआ100%60%ठेकेदारनिजी कंपनीनिजी कंपनीअंतिम लक्ष्यजीआईएस सर्वेक्षण पूराजीआईएस सर्वेक्षण अधूरा
जीआईएस सर्वेक्षण: निर्धारित समय बनाम वास्तविक स्थिति

प्रासंगिकता — Banking, SSC & RBI Grade B exams: Economy/Governance

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हाथरस नगर पालिका में चल रहा जीआईएस सर्वेक्षण सुस्त गति से चल रहा है। दिसंबर 2020 में नगर पालिका क्षेत्र में 30 गांवों को शामिल करने के बाद चार साल बाद मई 2025 में जीआईएस सर्वेक्षण शुरू हुआ था, जिसे छह महीने में पूरा किया जाना था। परंतु 17 माह बीत जाने के बाद भी केवल 60 प्रतिशत काम ही पूरा हुआ है। इससे नए क्षेत्रों में गृहकर और जलकर निर्धारण की प्रक्रिया प्रभावित हुई है। निजी कंपनी द्वारा ठेका लेने के बावजूद संसाधनों की कमी के कारण कार्य में देरी हो रही है। पुराने शहर में सर्वे चल रहा है, जबकि नए क्षेत्रों में पांच साल की कर छूट की अवधि समाप्त हो चुकी है। दिसंबर 2025 तक छूट पूरी हो चुकी थी, इसलिए जनवरी 2026 से कर लगाने की तैयारी है।

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यह मामला शासन व्यवस्था और प्रशासनिक कुशलता से जुड़ा हुआ है, जो बैंकिंग, एसएससी और आरबीआई ग्रेड बी जैसी परीक्षाओं के लिए महत्वपूर्ण है। जीआईएस जैसी तकनीक का उपयोग कर निर्धारण प्रक्रिया को पारदर्शी और कुशल बनाया जाना चाहिए, ताकि राजस्व संग्रहण में वृद्धि हो सके। सरकारी योजनाओं और परियोजनाओं में देरी से न केवल आर्थिक हानि होती है, बल्कि प्रशासनिक जवाबदेही भी प्रभावित होती है। ऐसे मामलों से संबंधित प्रश्न परीक्षाओं में शासन व्यवस्था, कराधान और डिजिटल प्रशासन जैसे विषयों पर पूछे जा सकते हैं।

स्रोत: amarujala.com


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