✎ हिमाचल में सेब खरीद प्रक्रिया को एमआईएस के माध्यम से डिजिटल बनाया गया है, जिससे पारदर्शिता एवं किसानों को सीधा लाभ मिल रहा है।
प्रासंगिकता — Banking, SSC & RBI Grade B exams: Polity & Governance
हिमाचल प्रदेश सरकार द्वारा लागू **मंडी मध्यस्थता योजना (एमआईएस)** के अंतर्गत अब तक 8,000 मीट्रिक टन से अधिक सेब की खरीद की जा चुकी है, जिससे राज्य के बागवानों को प्रत्यक्ष लाभ मिल रहा है। इस योजना के तहत **एचपीएमआईएस पोर्टल** के माध्यम से बागवानों का पंजीकरण, सेब की खरीद, डिजिटल रसीद, परिवहन, प्रसंस्करण तथा भुगतान की पूरी प्रक्रिया पारदर्शी और सुव्यवस्थित की गई है। राज्य सरकार का लक्ष्य बागवानी अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ करना है, क्योंकि हिमाचल देश का दूसरा सबसे बड़ा सेब उत्पादक राज्य है, जो राष्ट्रीय उत्पादन में 22 प्रतिशत और क्षेत्रफल में 37 प्रतिशत का योगदान देता है। इस डिजिटल प्रणाली से बागवानों को कार्यालयों के बार-बार चक्कर लगाने से मुक्ति मिली है तथा भुगतान में भी तेजी आई है, जिससे उनकी आय सुनिश्चित होती है।
यह योजना **बैंकिंग, एसएससी और आरबीआई ग्रेड बी परीक्षाओं** के लिए महत्वपूर्ण है, क्योंकि इसमें **डिजिटल शासन, प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण (डीबीटी), और कृषि अर्थव्यवस्था** जैसे विषय शामिल हैं। बैंक पीओ, आईबीपीएस और एसबीआई जैसे परीक्षाओं में **कृषि क्षेत्र से संबंधित सरकारी योजनाओं, डिजिटल इंडिया पहलों, और प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण (डीबीटी) प्रणाली** पर प्रश्न पूछे जाते हैं। इसके अलावा, आरबीआई ग्रेड बी में **राज्य सरकारों की वित्तीय नीतियों, कृषि ऋण वितरण, और ग्रामीण अर्थव्यवस्था** से जुड़े सवालों के लिए यह नोट उपयोगी साबित होगा। इस प्रकार, यह विषय परीक्षाओं में सफलता प्राप्त करने के लिए आवश्यक है।
स्रोत: amarujala.com
शैक्षिक उद्देश्य हेतु AanyaAi द्वारा जनित।


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