मानचित्र व माइंड-मैप: Kerala challenges 16th Finance Commission’s census town classification
प्रासंगिकता — Banking, SSC & RBI Grade B exams: Economy
केरल के मुख्यमंत्री वी. डी. सत्यन ने कहा है कि 16वें वित्त आयोग ने गलत तरीके से कई ‘जनगणना कस्बों’ को शहरी क्षेत्र मान लिया, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों के लिए आवंटित धनराशि घटकर मात्र 300 करोड़ रुपये रह गई। उन्होंने बताया कि जनगणना कस्बे वे स्थान होते हैं जिन्हें जनगणना के उद्देश्य से शहरी माना जाता है, परंतु उन्हें नगरपालिका या नगर निगम के रूप में मान्यता नहीं दी जाती। इस गलत वर्गीकरण के कारण केरल में ग्रामीण क्षेत्रों की संख्या कम दिखाई गई, जिससे केंद्र से मिलने वाले आवंटन में कमी आई। सत्यन ने आरोप लगाया कि इस निर्णय से स्थानीय निकायों को विकास कार्यों के लिए धन की कमी का सामना करना पड़ रहा है, क्योंकि केंद्र से मिलने वाली धनराशि की शर्तें पूरी नहीं हो पा रही हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार इस मुद्दे को केंद्र के समक्ष उठा रही है और गलत आकलन को सुधारने के प्रयास कर रही है।
इस मुद्दे का बैंकिंग, एसएससी और आरबीआई ग्रेड बी जैसी परीक्षाओं के लिए महत्व इसलिए है क्योंकि इससे वित्त आयोग की भूमिका, केंद्र-राज्य वित्तीय संबंध, और शहरीकरण के आर्थिक प्रभावों पर प्रश्न उठते हैं। बैंकिंग परीक्षाओं में इससे संबंधित प्रश्न राजकोषीय संघवाद, कर राजस्व बंटवारे, और विकास निधि आवंटन जैसे विषयों पर पूछे जा सकते हैं। एसएससी में यह विषय केंद्र सरकार की नीतियों, वित्तीय आयोगों के कार्य, और ग्रामीण-शहरी विभाजन के आर्थिक निहितार्थ पर ध्यान केंद्रित करने में मददगार होगा। आरबीआई ग्रेड बी में इससे वित्तीय प्रणाली पर शहरीकरण के प्रभाव, राजकोषीय संघर्ष, और धन के पुनर्वितरण जैसे मुद्दों पर बहस हो सकती है।
स्रोत: Hindustan Times
शैक्षिक उद्देश्य हेतु AanyaAi द्वारा जनित।

